जिलेभर के शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई गई। सिल्वर बेल्स स्कूल में जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि जिले में 3,71,634 बच्चों को एलबेंडाजोल की गोलियां खिलाने का लक्ष्य रखा गया, जिसमें करीब 80 प्रतिशत बच्चों को गोलियां खिलाई जा चुकी हैं।
बृहस्पतिवार को शहर के शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया। सिल्वर बेल्स स्कूल में शुभारंभ के दौरान जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि कृमि के कारण बच्चों का शारीरिक विकास रुकता है। इसलिए कृमि से मुक्ति मिलना जरूरी है। क्योंकि तन स्वस्थ रहेगा, तो मन भी स्वस्थ होगा और पढ़ाई के साथ ही शारीरिक विकास भी अच्छा होगा। स्कूल में बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई गई।
शहर के आरके इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय कृमि दिवस पर कॉलेज के 1400 छात्रों को एलबेंडाजोल की गोली खिलाई गई। गोली खिलाने से पहले कॉलेज के प्रधानाचार्य ने छात्रों को जरूरी हिदायतें और गोली से होने वाले लाभ के बारे में जागरूक किया। जो छात्र किसी भी प्रकार से कृमि से ग्रस्त होते हैं, उनमें खून की कमी, कुपोषण, भूख न लगना, बेचैनी, पेट दर्द, उल्टी दस्त व वजन में कमी के लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि गोली खाने के बाद किसी भी छात्र को दिक्कत होने पर उन्हें तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जाए।
सरस्वती विद्यामंदिर इंटर कॉलेज में छात्रों को गोली खिलाकर उसके लाभ के बारे में बताया गया। कॉलेज प्रधानाचार्य आनंद प्रसाद शर्मा ने सभी छात्रों को सफाई का ध्यान रखने व संक्रमण से बचने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान सोमदत्त, मोहर सिंह, नीटू कश्यप, पुष्पेंद्र शर्मा, मधुबन शर्मा, नरेश व अशोक कुमार आदि मौजूद रहे। मेपल्स एकेडमी में प्रधानाचार्य डॉक्टर रीटा सिरोही ने बताया कि बच्चों को हमेशा नाखून छोटे व साफ रखने चाहिए, हमेशा साफ पानी पीना चाहिए। खाना ढककर रखना चाहिए। उन्होंने सभी को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सलाह दी।