फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सार्वजनिक शौचालय न बनने पर जिला ओडीएफ होने से अटका

विज्ञापन
विज्ञापन
सार्वजनिक शौचालय न बनने पर जिला ओडीएफ होने से अटका
विज्ञापन

शामली/कैराना।
नगरीय क्षेत्र को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) घोषित करने में कैराना के एक सार्वजनिक शौचालय ने अड़ंगा लगा दिया। जिले के नौ निकायों को ओडीएफ कर दिए गए, लेकिन कैराना के सार्वजनिक शौचालय का निर्माण पूरा नहीं होने पर जिले को ओडीएफ घोषित होने का सपना अधूरा रह गया है।
जिले में तीन नगर पालिका और सात नगर पंचायत हैं, जिनमें शामली, कांधला और कैराना नगर पालिका हैं, जबकि बनत, एलम, गढ़ीपुख्ता, ऊन, झिंझाना, जलालाबाद और थानाभवन नगर पंचायतें हैं। नौ निकायों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है, जिसके लिए लखनऊ और फिर दिल्ली से आई टीम आकर सर्वेक्षण भी कर चुकी है। पूर्व में एलम और बनत में ओडीएफ घोषित करने के लिए कुछ कमियां थीं, जिन्हें दूर कर लिया गया, लेकिन कैराना में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण नहीं होने के कारण जिले के नगरीय क्षेत्र को ओडीएफ घोषित नहीं किया जा सका।
विज्ञापन

अब तक चल रहा है निर्माण
कैराना। नगर पालिका परिषद कैराना ने आठ सुलभ शौचालय बनाए जा रहे हैं, जिस पर कैराना को ओडीएफ घोषित किया था। कैराना पालिका ने किलागेट पुलिस चौकी व गोल मार्केट के पास सुलभ शौचालय बन कर तैयार हो गए। जबकि कैराना सरकारी अस्पताल, भूरा चुंगी, तीतरवाडा रोड, मोहल्ला अफगानान, ईदगाह व कांधला रोड पर सुलभ शौचालयों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। वहीं, सभी शौचालयों का निर्माण पूरा होने के बाद कैराना ओडीएफ कस्बो की सूची में शामिल हो जाएगा। पूर्व में ओडीएफ के सर्वे के लिए दिल्ली से टीम पहुंची थी, जिन्होंने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट देकर कहा कि कैराना में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण पूर्ण नहीं हो पाया है, जिस कारण कैराना को फिलहाल ओडीएफ घोषित नहीं किया जा सकता है।
शामली में भी उठ रहे सवाल
शामली। नगर पालिका परिषद शामली को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है, लेकिन इस पर वार्ड सभासद ही सवाल उठा रहे हैं। वार्ड 23 से सभासद निशी रानी ने पिछले दिनों ही उच्चाधिकारियों और जिले की प्रभारी मंत्री को शिकायत पत्र देकर कहा कि उनके वार्ड में अब तक 15 लोगों के आवेदन लंबित हैं, जिनके यहां शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है। इसके बावजूद उनके वार्ड को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। वहीं, यह भी पता चला है कि करीब 600 लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के बाद अंतिम किश्त का भुगतान नहीं मिल पाया है।
विज्ञापन

-- वर्जन --
जिले के नगरीय क्षेत्र को ओडीएफ घोषित कराने के लिए शौचालयों का निर्माण तेजी से कराया गया। दिल्ली से सर्वे करने आई टीम को कैराना नगर पालिका क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण पूर्ण नहीं मिला। निर्माण को पूरा कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। -- इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें