एक महिला पत्रकार ने शुक्रवार को एसपी को 118 आधार कार्ड सौंपे और बताया कि यह आधार कार्ड मोबाइल विक्रेता की दुकान पर रखे थे। पुलिस अधीक्षक ने शामली कोतवाली पुलिस को मामले में जांच करने का निर्देश दिया।
शुक्रवार दोपहर शामली निवासी रूचि मित्रा अपने साथ आधार कार्डों का बंडल लेकर एसपी दफ्तर पहुंची। बताया कि उन्हें एक नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि तुमने आधार कार्ड के लिए आवेदन किया था, तुम्हारा आधार कार्ड आ गया है, उसे ले लो। बताए स्थान पर जब वह पहुंची, तो वह मोबाइल फोन की दुकान थी। उसका आधार कार्ड पहले ही बन चुका है, जो उसके पास पहले से मौजूद है। इसके बावजूद दुकानदार के पास रखे आधार कार्डों में उसका कार्ड भी था। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता करके इस बारे में अवगत कराया। साथ ही आधार कार्ड पर दर्ज नंबरों पर कॉल करके भी इसकी जानकारी जुटाई गई, तो यही मालूम चला कि आधार कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनके पास तक आधार कार्ड नहीं पहुंचा। इसके बाद एनआईसी कार्यालय से अश्वनी कुमार और शशांक भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उक्त आधार कार्ड ओरिजनल हैं तथा कुछ कार्ड 2014, 2016 और 2017 तथा 2018 में आवेदन के बाद बने हैं। इनका वितरण यूआईएडीआई की तरफ से सीधे डाक विभाग के माध्यम से कराया जाता है। पुलिस अधीक्षक ने शामली कोतवाली पुलिस को मामले में जांच करने का निर्देश दिया है।