सपा ने विधानसभावार नेताओं को सौंपी जिम्मेदारी
शामली।
कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं, जिसके तहत इस सीट की पांचों विधानसभा पर दो-दो नेताओं को लगाया गया है। इन नेताओं की जिम्मेदारी है कि बूथ स्तर पर पार्टी संगठन को मजबूत करेंगे और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करके उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी को जिताने का कार्य करेंगे।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने तीन दिन पूर्व ही कैराना लोकसभा सीट को लेकर नेताओं के साथ बैठक की, जिसमें शामली और सहारनपुर जनपद में आने वाली पांचों विधानसभा क्षेत्रों के लिए नेताओं की जिम्मेदारी निर्धारित की गई। उसमें विधानसभा क्षेत्र कैराना पर पूर्व मंत्री कमाल अख्तर और सुधाकर सिंह कश्यप, विधानसभा क्षेत्र शामली पर एमएलसी संजय लाठर और मांगेराम कश्यप, विधानसभा क्षेत्र थानाभवन पर पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद और एससी-एसटी आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष रमेश प्रजापति, विधानसभा क्षेत्र गंगोह पर एमएलसी डॉक्टर राजपाल कश्यप और पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर तथा विधानसभा क्षेत्र नकुड़ पर पूर्व जिलाध्यक्ष फकीर चंद और ब्रजराज सैनी को जिम्मेदारी दी गई है। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी ने बताया कि कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव के संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं को अलग अलग विधानसभावार जिम्मेदारी सौंपी है। जल्दी ही विधानसभावार कार्यकर्ताओं की बैठक की जाएंगी। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ता उपचुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार हैं।
प्रत्याशी चयन के लिए चल रही है मंत्रणा
समाजवादी पार्टी ने कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए नेताओं को जिम्मेदारियों तो सौंप दी, लेकिन अब तक यह तय नहीं हो सका है कि चुनाव में प्रत्याशी कौन होगा। क्योंकि गोरखपुर और फूलपुर के नतीजों के बाद गठबंधन की मजबूती पर जोर दिया गया था। गठबंधन में सपा और बसपा ही शामिल होगी, या फिर रालोद भी शामिल रहेगा। जिस तरह से सपा ने अपनी तैयारियां शुरू की हैं, उससे इतना तो माना जा रहा है कि चुनाव मैदान में सपा प्रत्याशी ताल ठोंकेगा। प्रत्याशी को लेकर कैराना से सपा विधायक चौधरी नाहिद हसन की मां पूर्व सांसद तबस्सुम हसन, सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह और उत्तर प्रदेश योजना आयोग के पूर्व सदस्य प्रोफेसर सुधीर पंवार का नाम चर्चाओं में है। पार्टी स्तर पर भी इसको लेकर मंथन चल रहा है कि चुनाव मैदान में किसे प्रत्याशी बनाया जाए। अब देखना यह है कि इस सीट के जातीय समीकरण और चुनावी मुद्दो को लेकर पार्टी किस नेता पर जीत का भरोसा जताती है।