फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी का प्रशासन बोला हमारी है जमीन, तो हरियाणा वालों ने बताई अपनी

विज्ञापन
विज्ञापन
विवाद के कारण नहीं सुलझा जमीन का मामला
विज्ञापन

कैराना (शामली)। यूपी हरियाणा सीमा विवाद के चलते बृहस्पतिवार को दोनों प्रदेेशों के प्रशासनिक अधिकारियों ने विवादित जमीन की पैमाइश की। इस दौरान यूपी के प्रशासन ने जमीन यूपी की होने की बात कही, तो हरियाणा प्रशासन जमीन को अपनी बताते हुए अड़ गया। इसके चलते समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका।
विज्ञापन

कैराना क्षेत्र के ग्राम डुंडूखेडा व सहपत के किसानों की जमीन यमुना पार हरियाणा के गांव नन्हेडा से लगी हुई है। नौ मार्च की सुबह जैसे ही डुंडुखेडा व सहपत के किसान अपनी भूमि पर बोई सरसों की फसल काट कर ट्रालियों में भर कर लाने लगे, तो हरियाणा के गांव नन्हेड़ा के लोगों ने यूपी डायल 100 को फोन किया कि उनकी जमीन से यूपी के किसानों ने चोरी करके सरसों काट ली। डायल 100 पुलिस ने सरसों से लदी ट्रालियों को पकड़ कर तितरवाड़ा पुलिस चौकी पर खड़ी करा दी थी। इसके बाद डुंडुखेडा निवासी मांगेराम व सहपत आदि के किसानों ने कैराना एसडीएम को दिए गए। शिकायती प्रार्थना पत्र में कहा था कि उन्होंने उप्र सीमा में अपनी भूमि पर सरसों की फसल बोई थी, इसे काटने के बाद जब वह ट्रैक्टर ट्रालियों में भर कर लौट रहे थे, तो उसी समय हरियाणा के नन्हेड़ा निवासी अशोक व महीपाल ने डायल-100 पर चोरी से फसल काट ले जाने की सूचना देकर उनकी ट्रेक्टर ट्रालियों को पकड़वा दिया। इसके बाद तितरवाडा पुलिस चौकी में उनकी ट्रालियों को पुलिस ने खड़ा कर लिया। किसानों ने सरसों की अपनी होने का दावा करते हुए एसडीएम से न्याय की गुहार लगाई थी। इस पर एसडीएम कैराना दुष्यंत कुमार मौर्य ने बुधवार को नायब तहसीलदार कामेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक सोहनपाल सिंह, सर्वे कानूनगो रामनरेशदास, लेखपाल ब्रजपाल सिंह, सत्यवीर सिंह, यूसुफ खान, यमुना प्रसाद व दिनेश कुमार दुबे की टीम गठित कर उन्हें मौके पर जाकर जांच आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिए। टीम विवादित स्थल पर पहुंची और पैमाइश करनी शुरू कर दी। इसी दौरान हरियाणा से भी चकबंदी अधिकारी, कानूनगो व लेखपाल की टीम वहां पहुंच गई। दोनों प्रदेशों की टीमों ने भूमि की पैमाइश की। इस दौरान उप्र प्रशासन की राजस्व टीम ने विवादित भूमि को बंटवारे के कागजात के आधार पर अपना बताया, तो वहीं हरियाणा की टीम ने बंटवारे के पहले के कागजात पर भूमि पर अपना दावा कर दिया। इसके बाद कैराना की टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर लौट आई। नायब तहसीलदार कामेंद्र गुप्ता ने बताया कि उक्त विवादित भूमि दीक्षित अवार्ड बंटवारे के तहत हरियाणा के नन्हेडा गांव से सहपत और डुंडूखेडा को दी गई थी, जो तभी से उप्र के क्षेत्र में है। हरियाणा प्रशासन बंटवारे से पहले कागजात पर भूमि को अपना बता रहा है। उनके द्वारा अपनी रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें