शामली। फसली ऋण माफी प्रमाणपत्र वितरण समारोह के दौरान मंच से जिले की प्रभारी मंत्री ने किसान हित में भाजपा की योजनाओं के कसीदे पढ़े, तो वहीं भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने गन्ना उत्पादक किसानों की पीड़ा उठाकर अलग ही संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को फसल का वाजिब दाम और समय पर भुगतान नहीं होगा, तब तक अनुदान और ऋण माफी का फायदा नहीं मिलेगा।
नवीन मंडी स्थल पर फसली ऋण माफी योजना के प्रमाणपत्र वितरण समारोह में मुख्य अतिथि प्रदेश की बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री एवं जिले की प्रभारी मंत्री अनुपमा जायसवाल ने फसल बीमा से लेकर किसान हित में चलाई गई विभिन्न योजनाओं का खूब गुणगान किया। वहीं, कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने मंच से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की। साथ ही उन्होंने वह मुद्दा भी छेड़ दिया, जो विपक्षी लगातार उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं किसी की आलोचना नहीं कर रहा, बल्कि शामली और आसपास के जिलों की प्रमुख फसल गन्ना को लेकर किसानों की जायज पीड़ा बता रहा हूं। अक्तूबर माह से नया गन्ना पेराई सत्र का शुभारंभ हो जाएगा, लेकिन अब तक भी शुगर मिलों ने किसानों को बकाया भुगतान नहीं किया है। शुगर मिल मालिकों को इस पर शर्म आनी चाहिए कि पूर्व के वर्षों की अपेक्षा रिकवरी अच्छी रही और चीनी का दाम भी 3600 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक ही रहा, बावजूद इसके किसानों को बकाया भुगतान नहीं किया। उदाहरण सुनाते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के समय में देवबंद शुगर मिल मालिक को गिरफ्तार करा दिया था, तो एक ही दिन में भुगतान हो गया था। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है कि शुगर मिल मालिकों से किसानों का पैसा दिलाया जाए।
सांसद हुकुम सिंह ने कहा कि किसानों को फसलों का वाजिब दाम, समय पर भुगतान और खाद, बीज तथा सिंचाई के उचित साधन मिलें, तो किसान आत्मनिर्भर बनेगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और अनुदान तथा ऋण माफी की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिस ऊर्जा के साथ किसानों के हित में कार्य कर रहे हैं, उससे उम्मीद और विश्वास है कि किसानों की स्थिति में सुधार होगा।
विपक्षी दलों पर तीखे प्रहार
शामली। ऋण माफी वितरण समारोह के मंच से सपा, बसपा और कांग्रेस पर जमकर राजनीतिक प्रहार भी हुए। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर खूब हमला किया। बोलीं, एक युवा राजकुमार आया था, जिनका निक नाम लेते ही लोग हंसने लगते हैं। पहले 27 साल यूपी बेहाल का नारा दिया और खाट सभा कीं। फिर सपा से हाथ मिला लिए। वहीं, सपा पर तंज कसते हुए कहा कि विदेश से पढ़कर आने वाले को पिता ने मुख्यमंत्री बनवा दिया। सपा ने नए इरादे का नारा दिया, मगर प्रदेश की जनता ने औकात बता दी। कांग्रेस और सपा दोनों को एक साथ ही बाहर कर दिया।