गणित और विज्ञान विषयों में छात्राओं का रुझान बढ़ रहा है। पीजी ट्रेडिशनल कोर्स में गणित और विज्ञान जैसे कठिन विषयों में दाखिला लेने के लिए छात्राएं छात्रों को पीछे छोड़ रही हैं। जबकि पहले छात्राएं गणित और विज्ञान विषयों से दूर रहती थीं। अबकी बार पीजी कोर्स में दोनों विषयों के दाखिलों में छात्राओं का प्रतिशत अधिक रहा।
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से संबद्ध डिग्री कॉलेजों में यूजी और पीजी कोर्सों में दाखिला प्रक्रिया लगभग समाप्त होने को है। इस बार पीजी कोर्स में एमएससी गणित में दाखिला लेने के लिए छात्राओं ने छात्रों को पीछे छोड़ दिया है। वहीं, एमए और एमएससी विज्ञान में भी यही स्थिति सामने आई है, जबकि पूर्व में स्थिति इसके उलट रहती थी। वीवी पीजी कॉलेज में एमएससी गणित की पूूरे जनपद की केवल 60 सीटें है। जिसमें अभी तक केवल 54 दाखिले हुए है। इनमें 35 दाखिले छात्राओं के हुए हैं।
वहीं एमए हिंदी में 23 में से 18 और अर्थशास्त्र में भी 15 में से 10 छात्राओं के दाखिले हुए हैं। जबकि आरके पीजी कॉलेज में एमएससी वनस्पति विज्ञान में 30 में 22, रसायन विज्ञान में 20 में से 11 और भौतिक विज्ञान में 20 में से 13 छात्राओं के दाखिले हुए हैं। वहीं, एमएससी जीव विज्ञान में भी 120 में 84 छात्राएं है। एमएससी गणित में दाखिला लेने वाली ऊन निवासी छात्रा सुप्रिया ने बताया कि मेरा गणित के प्रति लगाव है। गणित की शिक्षक बनना चाहती हूं। पीजी की पढ़ाई करने के बाद एमफिल और पीएचडी करके अच्छी प्रोफेसर बनना चाहती हूं। पूनम ने बताया कि गणित महत्वपूर्ण है, सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षा में भी इसका फायदा होता है। गणित से दूर भागने से काम नहीं चलेगा। मेहनत और लगन से हर विषय आसान हो जाता है।