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दानवीर कहां दे अपना ब्लड, सरकार के पास नहीं है सुविधा

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शामली।
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शामली में रक्तदान कराने के लिए चिकित्सा विभाग के पास सुविधा ही नहीं है। ऐसे में रक्तदान करने वालों को या तो मुजफ्फरनगर जाना पड़ता है अथवा रक्तदान कैंप लगने का इंतजार करना होता है। वहीं, जिला बनने के छह साल बाद भी ब्लड बैंक की स्थापना नहीं हो पाई है।
प्रत्येक जिले में रक्तदान के लिए जिला चिकित्सालय में व्यवस्था होती है। ब्लड कलेक्टिंग बैग के साथ ही रक्त दान से पूर्व कई जांच होती हैं। इतना ही नहीं ब्लड डोनेशन से पूर्व एचआईवी, हेपेटाइटिस तथा अन्य जांच की जाती हैं। साथ ही किसी मरीज को ब्लड चढ़ाने के पहले भी कई जांच होती हैं। शामली में ब्लड डोनेशन के दौरान जांच कराने संबंधी सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में विश्व रक्तदान दिवस पर सरकारी सेवाएं बेमानी साबित हो रही हैं। इसके चलते लोगों को मरीजों के लिए ब्लड खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है। प्राइवेट ब्लड बैंक से ब्लड बेचा जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग उस पर भी अंकुश नहीं लगा पा रहा है।
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--- पांच साल बाद बना रक्त संग्रह केंद्र
शामली जिले में ब्लड बैंक नहीं होने के कारण मरीजों को अस्पतालों से रेफर कर दिया जाता है। छह दिन पूर्व ही शामली सीएचसी में रक्त संग्रह केंद्र बनाया गया, जिसकी क्षमता 200 यूनिट है, यहां ब्लड बैंक से ब्लड लाकर रखा तो जा सकता है, लेकिन रक्तदान कराने की व्यवस्था नहीं है।
--- 1107 से अधिक महिलाएं ब्लड की कमी की शिकार
सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में ब्लड की कमी की 1107 गर्भवती महिलाएं पीड़ित हैं। सरकारी अस्पतालों में प्रसव के दौरान इन्हें ब्लड की जरूरत होती है। इसके अलावा हादसे तथा बीमारियों के चलते भी लोगों को ब्लड की जरूरत पड़ती है। ऐसी परिस्थिति में मरीजों के लिए उनके तीमारदार बाहर से ब्लड खरीदकर लाते हैं।
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--- वर्जन ---
ब्लड बैंक की सुविधा शामली में नहीं है। इसके अलावा कैंप भी नहीं लग पा रहा है, क्योंकि ब्लड डोनेशन कैंप के लिए कलेक्टिंग बैग सहित जांच करानी जरूरी होती हैं। जिले में ब्लड का व्यवसायीकरण होने की उन्हें जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो कार्रवाई की जाएगी। - डॉक्टर सफल कुमार, एसीएमओ
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