यूपी बोर्ड के बंपर रिजल्ट के बाद दाखिले में होगी मुश्किलें
शामली। यूपी बोर्ड के इंटर और हाईस्कूल का बंपर रिजल्ट रहने से जहां विद्यार्थियों में खुशी का माहौल है, वहीं अब उन्हें अंदर ही अंदर एडमिशन की चिंता सताने लगी है। जिले में मात्र दो राजकीय डिग्री कालेज और दो सरकारी सहायता प्राप्त राजकीय कालेज है। इन चारों कालेजों में बीए और बीएससी प्रथम वर्ष के लिए करीब दो हजार ही सीटें हैं, जबकि इंटर में 9704 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए है।
यूपी बोर्ड के शनिवार को घोषित रिजल्ट में शामली जिला इंटर और हाईस्कूल दोनों में प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा है। हाईस्कूल का रिजल्ट 91.42 प्रतिशत और इंटर का रिजल्ट 88.78 प्रतिशत रहा है। प्रदेश में दूसरा स्थान मिलना जनपदवासियों के लिए बेशक गर्व की बात है, वहीं बंपर रिजल्ट को लेकर विद्यार्थियों में भी खुुुुशी का माहौल है, लेकिन इस खुशी के बीच विद्यार्थियों को अंदर ही अंदर अगली कक्षा बीए या बीएससी में एडमिशन को लेकर चिंता भी सताने लगी है। विद्यार्थियों की चिंता जायज भी है, इसकी वजह ये है कि जिले में सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त कालेजों की संख्या मात्र चार है। इनमें शामली के आरके डिग्री कालेज और वीवी डिग्री कालेज सहायता प्राप्त है, जबकि कांधला में महिला डिग्री कालेज और कैराना में विजय सिंह पथिक डिग्री कालेज राजकीय है। इनमें आरके डिग्री कालेज में बीएससी, बीएससी एग्रीकल्चर और बीकॉम की करीब 640 सीटें है। इसी तरह वीवी डिग्री कालेज में करीब 400 सीटें है। कैराना के विजय सिंह पथिक डिग्री कालेज में करीब 420 और कांधला के राजकीय महिला डिग्री कालेज में 266 सीटें है। इस तरह से देखा जाए तो चारों कालेजों में करीब 1766 सीटें हैं, जबकि यूपी बोर्ड इंटर में इस साल 9704 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जिनमें 5326 छात्र और 4378 छात्राएं शामिल हैं। ऐसी स्थिति में इंटर के उत्तीर्ण विद्यार्थियों को हाई मेरिट के चलते एडमिशन लेना मुश्किल होगा। इतना ही नहीं अभी तो सीबीएसई बोर्ड का इंटर का रिजल्ट भी आना है, ऐसे में इंटर के उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या और बढ़ेगी।
निजी कॉलेज और संस्थानों में एडिमशन लेना बनेगी मजबूरी
शामली। सरकारी व सहायता प्राप्त कालेजों में एडमिशन न मिलने पर विद्यार्थियों को निजी डिग्री कालेज और प्रोफेशनल कोर्स वाले शिक्षण संस्थानों में महंगी फीस देकर एडमिशन लेना मजबूरी रहेगी। इससे अभिभावकों के लिए फीस जमा करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।