शामली। दिल्ली-यमुनोत्री फोरलेन की नए सिरे से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा डीपीआर तैयार की जा रही है। इसके आधार पर बाईपास-सेतु का निर्माण का निर्णय लिया जाएगा।
दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग का चार लेन चौड़ीकरण और नवीनीकरण का निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण की देखरेख में किया जा रहा था। दिल्ली-शामली, सहारनपुर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए शामली-सहारनपुर में बाईपास की व्यवस्था की गई थी। पिछले एक साल से उत्तर प्रदेश शासन ने दिल्ली-शामली, सहारनपुर मार्ग को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को हस्तांतरित कर दिया था। पिछले एक साल से दिल्ली-शामली, सहारनपुर मार्ग की हालत खस्ता हो रही है। अग्रवाल मित्र मंडल के सचिव अनुज कुमार बंसल ने लोक शिकायत भेजकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के आला अफसरों से शामली से बलवा बाईपास का निर्माण कार्य जाने, बलवा बाईपास पर मेरठ करनाल मार्ग को जोड़ने वाले पुल निर्माण, पानीपत-खटीमा मार्ग को बलवा में पुल निर्माण का प्रस्ताव की जानकारी मांगी थी कि शामली बाईपास के निर्माण में क्या देरी है, जानकारी मांगी थी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना इकाई बागपत के परियोजना निदेशक संजय कुमार मिश्रा ने 14 अप्रैल को लोक शिकायत का जवाब देते हुए बताया कि राष्ट्रीय राज्य राज मार्ग 709 बी लोनी-शामली सहारनपुर मार्ग 10 हजार किमी से लेकर 154.500 किमी तक उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारा हस्तांतरित किया गया है। जिसको चार लेन चौड़ीकरण-नवीनीकरण के लिए नए सिरे से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट डीपीआर तैयार की जा रही है। इस पर इस खंड मार्ग पर कहा कहा बाइपास व उपगामी पुल बनाया जाने का निर्णय लिया जाएगा हैं।