ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था शुरू होने के पहले ही दिन दस्तावेज लेखकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह के समय इंटरनेट कनेक्टिविटी गायब रहने से दोपहर एक बजे तक एक भी बैनामे की पंजीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। पूरे दिन में शामली में पांच, कैराना में सिर्फ दो बैैनामे हो पाए। बैनामा कराने वाले दस्तावेज लेखकों व क्रेता विक्रेताओं को निराश लौटना पड़ा।
बैनामों में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन ने आनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था मंगलवार से ही शुरू कराई। जिला मुख्यालय पर उपनिबंधक कार्यालय पर ऑनलाइन बैनामा और पंजीकरण कराने के लिए सूना पड़ा रहा। तहसील परिसर में निजी कंप्यूटर आपरेटर नेट की कनेक्टिविटी गायब रही। दोपहर बाद तक लेखपत्रों की ऑनलाइन रजिस्ट्री एवं पंजीकरण धीमा रहा। शामली और कैराना में उपनिबंधक कार्यालयों 50 बैनामा प्रतिदिन होते थे, लेकिन शामली में पांच और कैराना में मात्र दो बैनामे हो पाए। दस्तावेज लेखक मामचंद चौहान के मुताबिक कैराना उपनिबंधक कार्यालय में 25-30 लेखपत्र बैनामा पंजीकरण में गलती होने के कारण अधूरे रहे गए। शामली दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के अध्यक्ष रामगोपाल ने बताया कि शामली में दस्तावेज लेखकों के पास अपने कंप्यूटर सिस्टम न होने से प्राइवेट कंप्यूटर आपरेटरों और अधिवक्ता के पास जाना पड़ा हैं। आठ-दस अधिवक्ताओं के पास कंप्यूटर इंटरनेट की सुविधा है और दो निजी कंप्यूटर ऑपरेटर है।
शामली उपनिबंधक अमित कुमार ने बताया कि प्रतिदिन की अपेक्षा पहले दिन मंगलवार को आनलाइन बैनामे और पंजीकरण कम हुए है। बैनामा लेखक शीघ्र ही अपने कंप्यूटर सिस्टम लगाकर इंटरनेट कनेक्शन लेें, ताकि आनलाइन पंजीकरण कराने में तेजी आ सके। उन्होंने बताया कि शामली में पांच बैनामे और पांच इकरामा, वसीयत एवं गोदनामा हो पाए हैं।
एआईजी स्टांप धर्मराज सिंह ने बताया कि शामली- कैराना उपनिबंधक कार्यालयों में निरीक्षण कर जायजा लिया है। पहले दिन ऑनलाइन लेखपत्र और बैनामों में समस्याएं जरूर आई है। धीरे- धीरे यह समस्या दूर हो जाएगी।