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पूर्वी यमुना नहर की पटरी को गड्ढा मुक्त करने का दो करोड़ 15 लाख रूपये का बजट मांगा

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अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। बागपत जिले की सीमा से लेकर मुंडेट कलां पुल तक 23 किमी लंबी पूर्वी यमुना नहर की पटरी को गड्ढा मुक्त करने के लिए पूर्वी यमुना नहर खंड के अधिकारियों ने 2.15 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा है।
पूर्वी यमुना नहर की पटरी जिले में मिनी बाईपास के रूप में प्रयोग हो रही है। दोनों ओर की पूर्वी यमुना नहर को पक्का करने और जिला मुख्यालय के गोहरनी गांव के पास दो पुलों के निर्माण लिए चार साल पूर्व 44 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। शासन ने दो किस्तों में 28 करोड़ रुपये के अवमुक्त किया था। इससे जिला मुख्यालय पर पूर्वी यमुना नहर के दो सेतु और पटरी पर डोले का काम पूरा हुआ है। पटरी पर सिर्फ रोड़ी डाली गई है। 15 करोड़ के बजट के अभाव में पूर्वी यमुना नहर की पटरी का निर्माण अधर में लटका हुआ है। शामली शहर को जाम से मुक्ति के लिए वर्ष 2015-16 में तत्कालीन डीएम एनपी सिंह ने मुंडेट कला पुल से लेकर करमूखेड़ी नहर पुल तक पूर्वी यमुना नहर की पटरी को मुुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की ओर से निर्माण कराया गया था।
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बागपत जिले की ककड़ीपुरगांव की सीमा से लेकर शामली जिले के मुंडेट कला पुल तक नहर की पटरी में जगह-जगह गड्ढे हो जाने से आने जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्वी यमुना नहर खंड के सहायक अभियंता अमित कुमार ने बताया कि बागपत सीमा में जिले के एलम से लेकर मुंडेट कला नहर तक 23 किमी नहर की पटरी को गड्ढा मुक्त करने के लिए दो करोड़ 15 लाख और नई पटरी का निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपये की धनराशि मांगी गई है। 31 मार्च अवशेष बजट जारी होने के बाद पूर्वी यमुना नहर की पटरी को गड्ढा मुक्त करने और अधूरी पटरी का निर्माण कराया जाएगा।
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विकास भवन कैसे जाएं, नहर की पटरी है अधूरी
शामली। पूर्वी यमुना के किनारे जिला अस्पताल, सीएमओ, ड्रग वेयर हाउस, विकास भवन कार्यालय शिफ्ट हो चुका है। सरकारी कार्यालय में जाने के लिए नहर की पटरी एक मात्र साधन है। पटरी का निर्माण नहीं होने से सरकारी कर्मचारियों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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