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शामली कृषि विज्ञान केंद्र मे कृषि वैज्ञानिको के तबादले हुए शुरू

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शामली। मेेरठ के सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय की ओर से बघरा कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. पीके सिंह को शामली कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। इनकी तैनाती किए जाने के बाद कृषि विज्ञान केंद्रों से कृषि वैज्ञानिकों के तबादले की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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जिला प्रशासन द्वारा गत 17 फरवरी को जलालपुर कृषि फार्म की 8.5 हेक्टेयर भूमि कृषि विज्ञान केंद्र शामली के नाम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी कर दी थी। 21 फरवरी को कृषि विज्ञान केंद्र शामली के नाम जलालपुर की 8.5 हेक्टेयर भूमि पर सरदार बल्लभ भाई कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के वित्त नियंत्रक अवध नारायण सिंह व प्रसार प्रचार के निदेशक एसके सचान के नेेतृत्व में टीम ने कब्जा लेकर खसरा-खतौनी में नाम दर्ज करा लिया था। कृषि विज्ञान केंद्र की अधिसूचना जारी होने के एक माह बाद मेरठ के सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के उपकुलपति की ओर से कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी का कार्य भार बघरा कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. पीके सिंह को सौंपा गया है। मेरठ के सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार प्रचार एस के सचान ने बताया कि जल्द ही कृषि विज्ञान केंद्र के सभी कृषि वैज्ञानिकों के पद भर दिए जाएंगे। इस माह बजट मिलने के बाद कृषि विज्ञान केंद्र स्थापना का कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।

कई विभागों की बहुउद्देशीय वैज्ञानिकों की टीम मिलेगी
शामली। कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना होने के बाद जिले को पशुपालन, कृषि रक्षा, उद्यान, मछली पालन व भूमि संरक्षण विभागों की बहुउद्देशीय कृषि वैज्ञानिकों की टीम उपलब्ध हो जाएगी। जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरी शंकर चौधरी ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र न होने से जिले के किसानों को मुजफ्फरनगर के बघरा के कृषि विज्ञान पर निर्भर रहना पड़ता था। शामली जिले में जलालपुर में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना होने से किसान आत्मनिर्भर हो जाएंगे। केंद्र की स्थापना होने से फसलों की मिट्टी जांच की व्यवस्था रहेगी। किसान अपनी मिट्टी की जांच प्रयोगशाला में करा सकेंगे। उपनिदेशक कृषि रामवीर कटारा ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र खुलने पर किसान खेती की समस्याओं के समाधान के लिए खेतों में उन्नत शील खेती कर सकेंगे।
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