आर्थिक तंगी में किसान ने जान दी
कांधला (शामली)। आर्थिक तंगी से परेशान किसान ने फांसी लगाकर खुद जान दे दी। परिवारीजनों के मुताबिक कर्ज में डूबने और लॉटरी के नाम पर हुई ठगी के कारण किसान परेशान रहता था। परिवार के लोगों ने बगैर कानूनी कार्रवाई के ही किसान का अंतिम संस्कार कर दिया।
कस्बा एलम के मोहल्ला विकास नगर दक्षिणी निवासी हरेंद्र (52) पुत्र जयचंद का शव घर के पास ही आम के पेड़ पर लटका मिला। इसके बाद मौके पर भीड़ एकत्र हो गई और शव पेड़ से उतारा गया। हादसे की सूचना पर कस्बा के सैकड़ों लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। इसी दौरान सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया, जिसके बाद किसान हरेंद्र का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उसके परिवार में पत्नी राकेश और बेटे रवि (22), रोहित (20), बेटी ज्योति (18 ) हैं। किसान अपनी 11 बीघा भूमि पर खेती करके परिवार का पालन पोषण करता था। कस्बा एलम स्थित पंजाब नेशनल बैंक से हरेंद्र ने करीब एक लाख रुपये और जिला सहकारी बैंक से करीब 80 हजार रुपये कर्ज लिया था, जिसमें कुछ ऋण जमा कर दिया था, लेकिन बाकी रकम जमा नहीं हो पा रही थी। परिजनों के मुताबिक बैंकों के द्वारा नोटिस जारी होने से हरेंद्र मानसिक तनाव में चल रहा था।
उधर, एसडीएम शामली सुरजीत सिंह का कहना है कि किसान की मौत की जानकारी नहीं मिली है। लेखपाल को भेजकर जांच कराई जाएगी। थाना प्रभारी ओपी चौधरी ने बताया कि पुलिस मौके पर गई थी, लेकिन परिजनों ने कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। इसी के चलते शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।
कर्ज में डूबे थे पिता
कांधला। किसान हरेंद्र के पुत्र रोहित ने बताया कि उसके पिता ने बैंक से कर्ज लेने के साथ ही अन्य लोगों से भी कर्जा लिया हुआ था। पिता को कुछ दिन पूर्व एक फोन के माध्यम से सूचना मिली थी कि उसकी 22 लाख की लॉटरी लगी है, जिसके चलते पिता ने कई बैंक खातों में हजारों रुपया जमा करा दिया था। हालांकि लॉटरी का कोई पैसा नहीं मिल पाने से पिता मानसिक तनाव में चल रहे थे। मामले की शिकायत करीब एक माह पूर्व पुलिस से भी की गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।