कैराना। गोशाला भवन कैराना में चल रहे रामलीला महोत्सव के 15 वें दिन रावण-अंगद संवाद का मंचन किया गया।
भगवान राम अपना दूत बनाकर अंगद को लंका भेज देते हैं। वहां जाकर अंगद और रावण के बीच नोकझोंक होती है और अंगद अपना पैर पृथ्वी पर जमा लेता है। कहता है कि है जिसमें ताकत वह आकर हिला दे। सभी लंकावासियों की ताकत लगाने पर वह पैर नहीं हिल मिल पाता। अंगद रावण को युद्ध के लिए ललकारता है। अंगद की ललकार पर मेघनाद युद्ध के लिए जाता है। उधर, लक्ष्मण भी युद्ध के लिए आते हैं। मेघनाद लक्ष्मण को शक्ति मानक तीर मारकर मूर्छित कर देते हैं। लक्ष्मण को मूर्छित देखकर राम जी को चिंता सताती है, जिसमें वह व्याकुल हो जाते हैं। विभीषण हनुमान को लंका से वैध लाने के लिए कहते हैं। विभीषण के कहने पर हनुमान एकदम लंका पहुंचते हैं और वैध को अपने साथ ले आते हैं। वैध लक्ष्मण जी को देखकर पर्वत से संजीवनी लेने के लिए हनुमान जी को भेजते हैं। हनुमानजी पर्वत पर पहुंचकर पूरा पहाड़ उठा ले आते हैं और वैध संजीवनी लेकर लक्ष्मण की आंखें खोल देते हैं। अभिनय मंडली में सतीश प्रजापति ,राकेश प्रजापति ,शिवम गोयल ,रमेश चंद वर्मा ,पुनीत गोयल, डिंपल, राकेश गर्ग ,अशोक गर्ग, अर्पित गोयल, सागर मित्तल ,अजेश सिंघल , जयपाल ,पप्पन आदि मौजूद रहे।
शोभायात्रा निकाली
शामली। नवरात्र के समापन पर शुक्रवार को कस्बे में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में सुंदर सुंदर झांकियों के अलावा बैंडबाजे मौजूद थे। वही प्रथम नवरात्र पर प्राचीन देवी मंदिर में स्थापित की गई मां दुर्गा की विशाल सांझी थी। इसके अलावा अंत में चार ट्रैक्टर ट्राली चल रही थी, जिसमें श्रद्धालुओं ने नवरात्र के समापन पर अपने घरों में स्थापित की गई सांझियों को रखा, जिन्हें बाद में शामली स्थित नहर में प्रवाहित कर दिया गया।