मरीज को गलत इंजेक्शन लगाने पर अपंगता होने के कारण जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने डॉक्टर पर 1,55,000 रुपये जुर्माना लगाया है। साथ ही एमसीआई से पंजीकरण न होने के बावजूद एलोपैथिक डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस करने पर सीएमओ को उसके खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है।
कस्बा एलम निवासी साजिद पुत्र फतेहदीन ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में वाद दायर कर बताया था कि 12 नवंबर 2009 को उसके शरीर में दर्द हुआ। वह अपनी बहन और बहनोई के साथ एलम कस्बा के मोहल्ला सुभाषनगर मेन बाजार में डॉक्टर रामकिशन वर्मा (एजीएमएस) के क्लीनिक पर दिखाने गया। डॉक्टर ने साजिद को इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उसका हाथ सुन्न हो गया। डॉक्टर ने कह दिया कि कुछ देर में हाथ ठीक हो जाएगा, लेकिन उसके बाद भी ठीक नहीं हुआ। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के अध्यक्ष एसकेएस यादव और सदस्य श्रवण कुमार ने वाद की सुनवाई की। मंगलवार को इस पर निर्णय सुनाते हुए आदेश दिया कि पीड़ित को आर्थिक क्षतिपूर्ति के रूप में 90,000, मानसिक और शारीरिक क्षतिपूर्ति के 60,000, वाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपये सहित कुल 1,55,000 रुपये अदा किए जाएं। यह धनराशि आदेश के 30 दिन के अंदर जिला उपभोक्ता फोरम में जमा करानी होगी। निर्धारित समय में धनराशि जमा नहीं करने पर 12 प्रतिशत वार्षिक सालाना ब्याज देना होगा।
साथ ही सीएमओ शामली को आदेश दिया कि डॉक्टर रामकिशन वर्मा की शैक्षिक योग्यता एजीएमएस का इंटरनेट पर विवरण नहीं है, जिससे स्पष्ट है कि रामकिशन वर्मा ने फर्जी शैक्षिक योग्यता अंकित कर रखी है। एलोपैथिक दवाइयों की प्रैक्टिस के लिए एमसीआई से पंजीकरण का अभिलेख भी दाखिल नहीं किया, जिसके चलते वह एलोपैथिक दवाइयों की प्रैक्टिस करने के लिए सक्षम नहीं है। इसलिए रामकिशन वर्मा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाए। कार्रवाई के संबंध में 29 अगस्त तक सीएमओ द्वारा जिला उपभोक्ता फोरम को अवगत कराया जाएगा।