धान की फसल में कीटनाशक का छिड़काव करते समय युवक बेहोश हो गया। परिजनों ने उसको करनाल स्थित अस्पताल ले जाकर उपचार कराया, वहां उसकी मौत हो गई। युवक की मौत से परिवार में मातम पसर गया। वहीं, शामली के मोहल्ला रेलपार निवासी युवक भी फसल में कीटनाशक छिड़काव के दौरान बेहोश हो गया। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
चौसाना निवासी अनिल कुमार पुत्र धर्म सिंह के बिड़ौली मार्ग पर खेत हैं। शनिवार शाम अनिल धान की फसल में कीटनाशक का छिड़काव करने गया था। इसी दौरान वह बेहोश होकर गिर पड़ा। पास के खेतों में कार्य कर रहे किसानों ने उसके परिजनों को सूचना दी। इस पर परिजन उसको बिड़ौली रोड पर स्थित डॉक्टर के यहां ले गए। वहां अनिल की हालत और बिगड़ गई, जिसके बाद डॉक्टर ने उसको करनाल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन अनिल को लेकर करनाल के निजी अस्पताल में पहुंचे, तो वहां चिकित्सकों ने बताया कि अनिल की मौत हो चुकी है। इसके बाद करनाल पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। रविवार को उसका शव चौसाना लाने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर, इस घटना को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना था कि झोलाछाप डॉक्टर ने अनिल के उपचार में लापरवाही बरती। अनिल की मौत होने के बावजूद झोलाछाप ने उसको करनाल भेजवा दिया। इस बारे में ऊन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी प्रवीण कुमार का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है, जांच कराई जाएगी।
उधर, शामली के मोहल्ला रेलपार निवासी अजीत पुत्र ऋषिपाल भी शनिवार को फसल में कीटनाशक का छिड़काव करने गया था। घर से कुछ दूरी पर ही इनके खेत हैं। इसी दौरान वह दवा के प्रभाव में आकर बेहोश होकर गिर पड़ा। खेत पर मौजूद परिजनों तथा आसपास के खेतों से किसान इकट्ठा हुए। अजीत को शामली के एक निजी अस्पताल में पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अजीत की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।