गन्ने की नई प्रजाति सीओएच 160 की बुआई कर कमाएं मुनाफा
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। हिसार कृषि विश्वविद्यालय की करनाल गन्ना अनुसंधान केंद्र के सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर अजमेर सिंह मेहला ने बताया कि हरियाणा के तर्ज पर यूपी के किसान गन्ने की जल्द पकने वाली नई प्रजाति सीओएच 160 की बुआई करके मुनाफा कमा सकते हैं। उनका कहना है कि इस प्रजाति में गन्ना रिकवरी 11.43 प्रतिशत से लेकर 13 प्रतिशत है। इस प्रजाति की 855 प्रति क्विंटल एकड़ पैदावार है।
मंगलवार को आत्मा योजना के तहत भैंसवाल गांव में हिसार कृषि विश्वविद्यालय की करनाल गन्ना अनुसंधान केंद्र के सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर अजमेर सिंह मेहला समेत कई कृषि वैज्ञानिकों की टीम ने किसान बाबूूूूराम के खेत में पहुंचकर धान की पीबी 1509 प्रजाति की नई तकनीकी से सीड ड्रिल के द्वारा सीधी बुआई करके प्रदर्शन किया गया। डॉक्टर अजमेर सिंह मेहला ने गन्ने की जल्द पकने वाली नई प्रजाति सीओएच 160 की जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रजाति हरियाणा के 17 हजार एकड़ में किसानों द्वारा बुआई की गई है। उनका कहना है कि नवंबर माह में सीओएच 160 की चीनी की रिकवरी 11.43 प्रतिशत और जनवरी- फरवरी माह में 13 प्रतिशत रिकवरी है। क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र करनाल के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डाक्टर वीरेंद्र सिंह लाठर ने बताया कि धान की रोपाई 15 से लेकर 25 मई तक कर सकते हैं। पहला पानी रोपाई के बीस दिन बाद कर सकते हैं। धान बुआई के समय खेत में 50 किग्रा डीएपी, सात किग्रा फेरस सल्फेट, सात किग्रा जिंक सल्फेट, छह किग्रा गूंद कटीरा प्रति एकड़ की दर से प्रयोग किया गया। इस विधि से धान की फसल में 50-60 प्रतिशत पानी की बचत व 30 प्रतिशत बीज व उर्वरक की बचत होती है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि इस विधि से धान की बुआई करने से किसानों की लेबर की समस्या नहीं रहती है और पैदावार में बढ़ोतरी होती है। इस मौके पर उपनिदेशक कृषि डाक्टर शिवकुमार केसरी, एसएमएस मांगेराम, अजय कुमार, विशाल कुमार, यशपाल मलिक, किसान विश्वजीत, सुनील कुमार, नामित्त कुमार, विक्की कादियान, अजित पंवार, उमेश कुमार भैंसवाल, संदीप कुमार महरमपुर, अनित कुमार खेड़ीकरमू, राकेेश कुमार ब लवा, प्रतीक देशवाल मुंडेंट मौजूद रहे।