अमर उजाला ब्यूरो
शामली। पानीपत-नगीना फोरलेन निर्माण के लिए शामली जिले के 15 गांवों के 452 से ज्यादा किसानों का अधिग्रहण किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण फोरलेन की जद में आ रही भूमि का चिह्नीकरण करके पिलर लगा चुका है। इसके अलावा मुजफ्फरनगर से शामली तक राजमार्ग निर्माण के लिए टेंडर भी छोड़ा जा चुका है।
मुजफ्फरनगर जिले के लालूखेड़ी से लेकर शामली तक पानीपत- नगीना फोरलेन निर्माण की जद में सात गांवों के 371 और कैराना यमुना पुल से लेकर शामली तक सात गांवों के 81 किसानों की भूमि आ रही है। इसमें शामली, फतेहपुर, खेड़ी बैरागी, करौदा हाथी, बंतीखेड़ा, बुटराड़ा, बाबरी, हैदरपुर, पंजीठ, कैराना, मन्ना माजरा गांव शामिल है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस राजमार्ग का दो चरणों मेें निर्माण करेगा। प्रथम चरण में मुजफ्फरनगर- शामली और दूसरे चरण में शामली से लेकर कैराना यमुना पुल तक निर्माण का टेंडर छोड़ा जा चुका है। राजस्थान की जीआर कंपनी को निर्माण एजेंसी का टेंडर मिला है। दूसरे चरण में शामली से लेकर कैराना यमुना पुल तक फोरलेन का टेंडर लोकसभा चुनाव की मतगणना के बाद खोला जाएगा। इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए शामली में निर्माण एजेंसी कार्यालय खोला जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की बागपत इकाई के सलाहकार वीके सिंह ने बताया कि शामली से लेकर कैराना यमुना पुल तक अगले माह निर्माण का टेंडर खोला जाएगा।
मेरठ-करनाल फोरलेन का मरम्मत कार्य जारी
मेेरठ-करनाल फोरलेन के चौड़ीकरण के लिए 702 करोड़ रुपये और 32 करोड़ रुपये की धनराशि मरम्मत के लिए स्वीकृत की जा चुकी है। इसमें हरियाणा के बिड़ौली से लेकर शामली तक 27 करोड़ की धनराशि शामिल है। मेरठ से लेकर शामली तक महावीर शर्मा एंड कंपनी को मरम्मत का टेंडर मिल चुका है। शामली से मेरठ के नानू गांव तक गड्ढा मुक्त करने का काम पूरा कर चुकी है। शामली से लेकर बिड़ौली यमुना पुल तक जगह-जगह सड़क में गड्ढे हो जाने से सड़क खस्ता हाल में है। मेरठ- करनाल मार्ग का शामली से लेकर हरियाणा सीमा के यमुना बिड़ौली पुल तक मरम्मत का टेंडर अगले माह खुलेगा।