मंडल के शिक्षामित्र और संविदाकर्मी कराएंगे चुनाव
शामली। प्रथम चरण के चुनाव में यदि 2108 राज्य कर्मचारी जिला प्रशासन को नहीं मिल पाए, तो इस बार मंडल के संविदा कर्मचारी और शिक्षामित्रों की चुनाव में ड्यूटी लग सकती है। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली आदि जिलों के संविदा कर्मियों, शिक्षामित्रों की चुनाव में ड्यूटी लगाए जाने के लिए चुनाव आयोग को प्रस्ताव भेजा गया है।
कैराना लोकसभा क्षेत्र में पांच विधानसभाओं में कैराना, शामली, थानाभवन, सहारनपुर जिले की गंगोह- नकुड विधानसभा शामिल हैं। चुनाव आयोग ने इस बार प्रथम चरण में कैराना लोकसभा चुनाव के साथ-साथ शामली, बागपत, मुुजफ्फरनगर, सहारनपुर बिजनौर, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर जिलों में लोकसभा चुनाव घोषित कर दिए गए हैं। जिससे कैराना लोकसभा के साथ के साथ वेस्ट यूपी के आठ जिलों में प्रथम चरण की चुनाव घोषणा होने से 2108 राज्य कर्मचारियों का कैराना लोकसभा चुनाव को संपन्न कराने के लिए टोटा हो गया है। जिला प्रशासन को कुल छह हजार राज्य कर्मचारियों की जरूरत है, जबकि जिले में चार हजार राज्य कर्मचारी है। प्रथम चरण में लोकसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए 2108 राज्य कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ेगी। लोकसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए 2108 कर्मचारियों की मांग जिला प्रशासन ने मंडलायुक्त और चुनाव आयोग को भेजी है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम वित्त आनंद शुक्ला ने बताया कि लोकसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए 2108 राज्य कर्मचारियों की कमी है। मंडल से राज्य कर्मचारियों की पूर्ति ने होने पर संविदा कर्मचारियों और शिक्षामित्रों को चुनाव लगाया जाएगा। जिले में 800, संविदा कर्मचारी, शिक्षामित्र है। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली के शिक्षामित्र व संविदा कर्मचारियों को लोकसभा चुनाव में ड्यूटी पर लगाया जाएगा। राज्य कर्मचारियों अथवा शिक्षामित्रों के मिलने पर चुनाव ड्यूटी का प्रथम रेंडमाइजेशन कार्य पूरा किया जाएगा। चुनाव ड्यूटी का प्रथम रेंडमाइजेशन 24 मार्च को होगा।