अमर उजाला ब्यूरो
शामली। किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि कलक्ट्रेट में डीएम से मिला। कहा कि जिले का किसान गन्ने की पर्चियों, कलेंडर नहीं मिलने से परेशान हैं। किसानों को जिले की चीनी मिलों द्वारा पिछले साल का बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया गया है।
चौधरी टिकैत ने कहा कि लांक गांव में पिछले 40 साल से चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। मौजूदा समय में लगाई गई चकों की कीमत में पिछले सालों में काफी अंतर आया है। जिन काश्तकारों के नाम से प्रस्तावित चक दिए गए थे, आज उनमें से अधिकांश काश्त कार मर चुके हैं। नए सिरे से जमीन का पुन: मूल्यांकन कराकर चकबंदी कराई जाए। किसानों को गन्ने की पर्चियों का समाधान नहीं हो रहा है। नहीं ही किसानों को कलेंडर मिल पा रहे हैं। दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में चीनी मिलों द्वारा किसानों का पिछले साल का बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया है। डीएम अखिलेश कुमार ने मौके पर जिला गन्ना अधिकारी डॉक्टर व सीओ चकबंदी को बुलाकर शीघ्र किसानों की समस्याओं का समाधान के निर्देश दिए। डीएम ने बिजली की समस्या के लिए अधीक्षण अभियंता और सभी खंडों के अधिशासी अभियंता को बुलाकर शुक्रवार में दोपहर तीन बजे बैठक बुलाकर समाधान कराया जाएगा।
मौके पर डीसीओ अनिल भारती ने बताया कि किसानों का पिछले साल का बकाया गन्ने का भुगतान दस दिसंबर तक चीनी मिलों द्वारा कर दिया जाएगा। शामली समिति की ओर से 80 गांवों में कलेंडर वितरण किया जा चुका है। अगले तीन दिन में सभी गांवों में कलेंडर का वितरण कर दिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में भाकियू जिलाध्यक्ष मास्टर जाहिद, भाकियू प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार, लाक गांव के राजवीर सिंह, ओमपाल सिंह, कुलदीप मलिक, सतेद्र कुमार, वीरसैन, रामकुमार, नरेंद्र, सुखवीर, देवीसिहं, कैलाश मलिक आदि मौजूद रहे।