थानाभवन। खेल के क्षेत्र में नाम रोशन कर रही बेटियों की कहानियों में एक और नाम बिजनौर की रिवानी का सामने आया है, जो हसनपुर लुहारी में आयोजित दंगल प्रतियोगिता में लड़के पहलवानों को धूल चटा रही है। रिवानी के पहलवान बनने की कहानी के बारे में उसके पिता रामेंद्र सिंह ने बताया कि लड़कियां, लड़कों से किसी मामले में कम नहीं हैं, यह साबित हो चुका है। उन्होंने बताया कि बेटी को पहलवान बनाने और कामयाब करने के लिए वह अपना सब कुछ दांव पर लगाने को तैयार हैं और इसी के चलते उन्होंने अपना ट्रैक्टर तक बेच दिया था।
बिजनौर के गांव शेरपुर अवी निवासी रामेंद्र सिंह ने बताया कि उसकी मेरी दो बेटियां और दो बेटे हैं। पहले मैं अपने बेटों को पहलवान बनाना चाहता था, लेकिन दुर्भाग्य से बेटों की ही तबीयत खराब हो गई। इस कारण उसे लगा कि बेटे पहलवान की भांति शारीरिक रुप से तैयार नहीं हो पाएंगे। इससे उन्हें पहलवान बनाने का सपना अधूरा रह गया। मगर, तभी मन में सवाल आया कि जो काम बेटे कर सकते हैं वह बेटियां भी तो कर सकती हैं। इसके बाद मैंने बेटी रिवानी को पहलवान बनाने की ठानी। उसने भी खूब मेहनत की। बेहतर ढंग से उसकी तैयारी कराने के लिए मैंने अपना ट्रैक्टर तक बेच दिया।
अमर उजाला की खबर पढ़कर लाए हसनपुर लुहारी
हसनपुर लुहारी में चल रहे चार दिवसीय दंगल में प्रतिभाग कराने के लिए रामेंद्र अपनी बेटी रिवानी को साथ लेकर शनिवार को पहुंचे। बताया कि अमर उजाला के 10 अप्रैल के अंक में म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। खबर पढ़कर ही वह अपनी बेटी हसनपुर लुहारी में आयोजित दंगल प्रतियोगिता में प्रतिभाग कराने पहुंचे। इस दौरान रिवानी ने दो मुकाबलों में पहलवानों (लड़कों) को धूल चटाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। हसनपुर लुहारी में रिवानी की प्रतिभा की हर कोई सराहना कर रहा है।
यूपी केसरी का खिताब जीत चुकी है रिवानी
पिता रामेंद्र ने बताया कि वर्ष 2015 में रिवानी ने मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में आयोजित सब जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में 38 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल के साथ यूपी केसरी का खिताब जीता था। इसके बाद फैजाबाद के नवीननगर में आयोजित प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतते हुए माध्यमिक शिक्षा अवार्ड जीतकर अपने नाम किया। साथ ही मुरादाबाद में आयोजित मंडल स्तरीय चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर क्षेत्र का मान बढ़ाया। बताते हैं कि वह बेटी को पहलवान बनाने के साथ उनका उद्देश्य आत्मनिर्भर बनाना भी है।
एथलीट भी है रिवानी
रिवानी अच्छी पहलवान बनने के साथ ही एथलीट भी हैं। गत वर्ष इलाहाबाद स्थित चंद्रशेखर स्टेडियम में आयोजित तीन किलोमीटर दौड़ में रिवानी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इसके अलावा बिजनौर के विवेक कॉलेज नेहरू स्टेडियम में आयोजित दौड़ में प्रथम स्थान हासिल किया था। कोच अभयराम सिंह से रिवानी पहलवानी के गुर सीख रही है। साथ ही घर में मां अनीता देवी और बड़ी बहन मेघा भी उसको पूरा सहयोग करती हैं।