लोगों की सूचनाओं का आदान प्रदान करने वाले डाक विभाग को चौसाना में आशियाना नहीं मिल पा रहा है। डाक विभाग का एक कर्मचारी सप्ताह में एक बार चौसाना आता है। वह कभी किसी के घेर में बैठकर डाक इकट्ठी करता है, तो कभी किसी की दुकान पर। इस कारण लोगों को भी डाक भेजने में परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
वैसे तो सूचना के क्षेत्र में बहुत बदलाव आ गए हैं। अब लोग इंटरनेट के जरिये सूचनाओं का आदान प्रदान करते हैं, लेकिन महत्वपूर्ण दस्तावेज तथा अन्य कागजात डाक विभाग से रजिस्ट्री करनी हो, तो चौसाना के लोगों को मायूसी मिलती है। करीब 20 वर्षों से चौसाना में कहने को डाक विभाग का एक कर्मचारी आता है, लेकिन उसका कोई स्थायी ठिकाना नहीं है। वह कर्मचारी कभी तो पोस्ट ऑफिस किसी के घेर में संचालित करता है, तो कभी किसी की दुकान पर। जब भी वह कर्मचारी आता है, तो लोग रजिस्ट्री और अन्य डाक भेजने के लिए उसे तलाशते हैं। चौसाना निवासी राकेश, मनोज, सुरेंद्र, मुकेश और महिपाल आदि का कहना है कि इस बारे में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से प्रार्थना की गई कि चौसाना में डाक घर की स्थायी स्थापना कराई जाए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।