मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर 15 जून तक जिन सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया था, वह फिर से गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। जिले की प्रमुख सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे नजर आ रहे हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। वहीं, सड़कों पर बजरी फैलने के कारण हादसों का खतरा भी बना हुआ है। सवाल यह है कि गड्ढामुक्त अभियान चलने के बावजूद फिर से गड्ढे कैसे हो गए। क्या गड्ढामुक्त अभियान में मानक के अनुरूप सामग्री इस्तेमाल नहीं की गई थी।
शामली जिले में लोक निर्माण विभाग ने 37 सड़कों को गड्ढामुक्त अभियान में शामिल किया था। इस कार्य के लिए शासन स्तर से 55 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। उक्त धनराशि गड्ढामुक्त अभियान में खर्च कर दी गई। बावजूद इसके सड़कों की हालत पहले जैसी हो गई है।
दिल्ली-यमुनोत्री सहारनपुर मार्ग पर थानाभवन, जलालाबाद, खेड़ीकरमू, लिलौन और शामली सीमा में जगह जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। डेढ़ साल पूर्व बने मेरठ- करनाल मार्ग, पानीपत-शामली, मुजफ्फरनगर खटीमा मार्ग, शामली- भौराकलां मार्ग समेत कई सड़कों में जगह-जगह गड्ढ़े हो चुके हैं।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह का कहना है कि सड़कों को फिर से गड्ढामुक्त करने के लिए 12 लाख रुपये की धनराशि की मांग की गई है। उनका कहना है कि दिल्ली- यमुनोत्री मार्ग की मरम्मत के लिए उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण को 12 करोड़ 73 लाख की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। मेरठ- करनाल फोरलेन को गड्ढ़ा मुक्त करने के लिए निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी है। उन्होंने भी माना कि बरसात के कारण सड़कों में गड्ढे हो गए हैं।
--- पैदल चलने लायक भी नहीं शामली बाईपास
शहर में 1400 मीटर लंबे रेलपार बाईपास की हालत बद से बदतर हो गई है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की है। निर्माण का शिलान्यास हो चुका है, जिसके बाद सड़क को खुदाई करके छोड़ दिया गया। अब स्थिति यह है कि यहां पैदल चलना भी दुश्वार हो रहा है। दिन भर धूल उड़ती रहती है। कई कई फुट गहरे गड्ढों में भारी वाहन निकल रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है।
-- पुल की रैलिंग टूटने से बाधित हुआ यातायात
(फोटो समाचार)
शामली। मेरठ- करनाल मार्ग पर काबड़ौत गांव के पास सोमवार तड़के कृष्णा नदी पुल की रेलिंग टूटकर गिर गई। इस कारण यातायात भी अवरुद्ध हो गया। सूचना मिलने पर लोक निर्माण विभाग ने रैलिंग का निर्माण कराया। यह पुल बेहद संकरा है, जिस कारण यहां से एक बार में एक ही वाहन निकल पाता है। वाहनों की आवाजाही ज्यादा होने की वजह से हादसों का खतरा बना रहता है। पूर्व में कई बार इसकी रैलिंग टूटने की वजह से हादसे हो चुके हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह ने बताया कि कृष्णा नदी पुल की रैलिंग क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिसका निर्माण करा दिया गया है।