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ईट भट्ठा मालिको ने सौंपा डीएम को ज्ञापन

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शामली।
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जिले के ईंट निर्माता समिति ने जीएसटी कर प्रणाली में ईंट भट्ठों पर समाधान योजना लागू करने की मांग की। इसके साथ ही केंद्रीय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की 15 जनवरी 2016 में निहित प्राविधानों के तहत अधिसूचना ईंट भट्ठों से पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र लेने की बाध्यता समाप्त करने की मांग की है।
बुधवार को शामली ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र मलिक के नेतृत्व में ईंट निर्माता समिति के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल कलक्ट्रेट में डीएम इंद्र विक्रम सिंह से मिलकर मुख्यमंत्री महंत आदित्य नाथ योगी के नाम सौंपकर अवगत कराया कि ईंट भट्ठों पर बिक्री कर व्यापार कर समाधान योजना सीजन वर्ष 1988-89 से वर्ष 2016-17 तक लगातार प्रभावी है। योजना स्वीकार करने वाली भट्ठा इकाई पाए जाने की संख्या के अनुसार निर्धारित समाधान कर राशि योजना के तहत निर्देशों के आधीन जमा करती है। 2008 में मूल्य संवर्द्धित कर प्रणाली लागू होने पर शुरू में विभाग द्वारा ईंट भट्ठों पर समाधान योजना लागू नहीं किए जाने पर सरकार र्को इंट उद्योग से प्राप्त होने वाला राजस्व आधा रह गया था।
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2009 में उत्पन्न परिस्थितियों में समिति के आग्रह के बाद सरकार द्वारा वैट कर प्रणाली लागू होने के वर्ष दोबारा समाधान योजना लागू करने का निर्णय लिया गया था। जिसमें प्रोविजनल कर निर्धारण आदेशों से सृजित मांग जमा कर अपीलीय वादों को समायोजित किया गया। भट्ठा मालिकों ने ज्ञापन में अवगत कराया कि समाधान योजना के अंतर्गत बिना किसी सरकारी व्यय के सरकार को सुरक्षित राजस्व तय करता है। भट्ठा उद्योग के अपीलीय वाद न के बराबर रह जाते हैं। जिससे सरकारी अधिकारियों का ऊर्जा व वित्तीय संसाधनों की बचत होती है। समाधान योजना के तहत जमा किया जाने वाला कर ग्राहक से नहीं वसूला जाता है। ईट निर्माता सीधे ग्राहकों को अपनी ईंटों की बिक्री करता है।
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जीएसटी के तहत 75 लाख तक के टर्न ओवर पर स्वत: समाधान योजना प्रभावी रहने का प्राविधान किया गया है। ऐसी स्थिति में ऑनलाइन प्रति तीन माह और वार्षिक रिटर्न समेत 37 रिटर्न दाखिल करना बहुत मुश्किल है। ज्ञापन में केंद्रीय वन पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार की 15 जनवरी 2016 के मामलों में पर्यावरण अनापत्ति की अपेक्षा से छूट का प्राविधान है। किंतु राज्य सरकार द्वारा नियमों के अधीन गैैर खननकारी घोषित किया गया है। डीएम को ज्ञापन देने वालों में कोषाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, सुनील गोयल समेत भट्टा मालिक मौजूद रहे।
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