शामली। जिले में 25 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेलाें का आयोजन किया गया। आरोग्य मेले में नजला, जुकाम, खांसी और बुखार के मरीज ज्यादा आए। इनमें 1468 मरीजों की जांच कर उपचार दिया गया। इस दौरान आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के 136 गोल्डन कार्ड बनाए गए।
बरखंडी स्थित अरबन पीएचसी पर डॉ. नितिन भटनागर ने मरीजों की जांच कर दवा दी। इस दौरान 20 पुरुष, 24 महिला और आठ बच्चाें की जांच की गई। मोहल्ला पंसारियान स्थित अरबन पीएचसी पर 60 मरीजों की जांच कर परामर्श व दवा दी गई। जिले में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 1468 मरीजों को उपचार दिया गया। इनमें 551 पुरुष, 685 महिला और 232 बच्चे शामिल रहे। नजला, खांसी और बुखार से पीड़ित ज्यादा मरीज रहे।
कैराना ब्लाॅक क्षेत्र में रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैराना, प्राथमिक उपस्वास्थ्य केंद्र अरबन, पीएचसी ऊंचागांव, पीएचसी कंडेला, पीएचसी भूरा व पीएचसी डुंडुखेड़ा पर 325 मरीजों का उपचार किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. शैलेंद्र चौरसिया ने बताया कि अधिकांश मरीज उल्टी, दस्त, बुखार व दर्द के थे। गढ़ीपुख्ता के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों की डॉक्टरों ने जांच कर दवाई दी। आंगनबाड़ी, आशाओं ने गर्भवती महिलाओं की जांच कर पौष्टिक आहार के बारे में जानकारी दी। गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, खून की जांच, ब्लड प्रेशर, हेपेटाइटिस बी, शुगर आदि जांच कर आयरन, कैल्शियम की दवाई वितरित की। आरोग्य स्वास्थ्य मेले में 35 मरीजों की जांच की। ज्यादातर मरीज नजला, खांसी, शुगर, आदि रोगों के रहे।
ऊन सीएचसी पर आरोग्य मेले में 21 व पिंडोरा पीएचसी में 12 मरीजों की जांच कर दवा दी गई। भीषण गर्मी में ज्यादातर मरीज उल्टी दस्त, बुखार, खांसी के और कुछ त्वचा रोग से पीड़ित आए। चिकित्सक डॉ. तरुण ने बताया मौसम में बदलाव के चलते इस समय बुखार व खांसी जुकाम का प्रकोप चल रहा है। ऊन में डॉ. तरुण के अलावा फार्मासिस्ट मनोज, तेजवीर व पिंडोरा में डॉ. प्रदीप फार्मासिस्ट, नवल किशोर मौजूद रहे।