अमर उजाला ब्यूरो
बाबरी। आवारा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे। जिला पंचायत की ओर से इस विकट समस्या के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाने से किसानों में रोष है। उन्होंने आवारा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए खुद ही खेतों की तारबंदी शुरू कर दी है।
खेतों में खड़ी गन्ना, गेहूं, धान, सरसों, आलू, उड़द, चना और सब्जियों में आवारा पशुओं के घुस जाने से किसान परेशान है। इस समस्या को किसान कई वर्षों से संपूर्ण समाधान दिवस और किसान दिवस में उठा रहे है। बाबरी क्षेत्र के कैड़ी गांव के किसान महेशपाल ने की छह बीघा धान की फसल तथा महावतपुर के किसान सूरज की तीन बीघा उड़द, हिरनवाड़ा के किशनलाल की चार बीघा ज्वार, हरपाल के दो बीघा उड़द, भंदौडा के सहदेव कुमार की तीन बीघा धान, गोगवान के बबलू की चार बीघा सरसों की फसल को आवारा पशु उजाड़ चुके है। इससे परेशान किसानों गेहूं की फसल बोने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है। हिरनवाड़ा गांव के किसान किशनलाल ने बताया कि पशुओं के लिए चार बीघा ज्वार बोई थी। मगर, आवारा पशुओं ने उसे नुकसान पहुंचा चुके है। हरपाल का कहना है कि आवारा पशुओं ने उड़द की फसल को उजाड़ दिया है। किसानों के मुताबिक बरसीम और जेई को भी जमने से पहले आवारा गोवंश ने तबाह कर दिया है। इस समस्या के निदान के लिए किसानों ने खुद ही खेतों की तार बंदी शुरू कर दी है। हिरनवाड़ा के किसान किशनलाल ने बताया कि उसने खेत में तारबंदी करना शुरू कर दिया है। गोगवांन जलालपुर के ज्यादातर किसान भी अपनी फसल की तारबंदी कर रहे है।
जिला पंचायत सदस्य अनिल टीनू ने बताया कि आवारा पशुओं द्वारा फसल को तबाह करने का मुद्दा जिला पंचायत में उठा चुके है। मगर, कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है।
गोवंश सरंक्षण केंद्र का बनत में स्वीकृत
जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर राजेश कुमार ने बताया कि गोवंशीय पशुओं के लिए बनत में गोवंश संरक्षण केंद्र स्वीकृत हो चुका है। शासन से डीएम के खाते में 50 लाख रुपये की धनराशि भी प्राप्त हुई है। डीएम से प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण एजेेेंसी द्वारा टेंडर छोड़ जाएंगे।
जिला पंचायत कांजी हाउस को बहाल करें
शामली। जिला पंचायत सदस्य अनिल टीनू का कहना है कि शासन कांजी हाउस बहाल करने का शासनादेश जारी कर चुका है। आवारा पशुओं के लिए जिला पंचायत को कांजी हाउस बहाल करने होंगे। कांजी हाउस की भूमि पर लोगों को अवैध कब्जे का हटाना होगा। पशुचर की भूमि पर पौधरोपण को रोकना होगा। यह मुद्दा जिला पंचायत की बैठक में उठाया जा चुका है।