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पांच हजार की आबादी, संपन्न गांव, लेकिन शराब बन गई अभिशाप

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पांच हजार की आबादी वाला गांव हो गया बदनाम
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शामली।
कमालपुर गांव की आबादी करीब पांच हजार है। जहरीली शराब के कारण गांव पर बदनामी का धब्बा लग गया है। गांव में ज्यादातर कमजोर तबके ही शराब की जद में है।
यमुना की सहायक नदी खोखरी नदी किनारे बसे गांव कमालपुर की करीब एक हजार वोटर है। गांव में जाट, एस-सी सहित अन्य कई बिरादरी हैं। गांव में प्रवेश द्वार खोखरी नदी के पुल की खस्ता हालत को नजरअंदाज कर दे तो गांव में आने वाला मुख्य मार्ग पक्का है। इस गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गांव के ज्यादातर लोग शराब पीते हैं। शराब पीने के शौकीनों में 40 साल की उम्र से ज्यादा वाले लोग हैं। इनमें गरीब तबके के लोगों की संख्या ज्यादा है। इनमें मजदूर पेशा लोग ज्यादा हैं। पीने वालों को यह अहसास नहीं था कि गांव में सालों से बिक रही अवैध शराब गांव के लोगों को लिए अभिशाप बन जाएगी, इसका किसी को आभास तक नहीं था। पांच लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों में शराब और उसे बेचने वालों के प्रति गुस्सा है। ग्रामीण सुरेंद्र, रोहित, अनुज आदि बताते हैं कि गांव में पूर्व में कई बार शराब का विरोध किया, लेकिन पुलिसिया सेटिंग इतनी मजबूत थी कि शराब पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन अब किसी भी सूरत में ऐसा नहीं होन देंगे।
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