निकाय चुनाव के मद्देनजर शराब की दुकानों को शासन के आदेश पर 48 घंटे पहले बंद कर दिया गया। उधर शराब की तलाश में लोग शाम पांच बजे के बाद इधर-उधर भटकते हुए दिखाई दिए।
22 नवंबर को निकाय चुनाव का मतदान है। जिसके चलते प्रशासन अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। उधर शासन का आदेश है कि मतदान से 48 घंटे पहले पांच बजे जिले में शराब की दुकानों को बंद कर दिया जाता है। जिसके मद्देनजर सोमवार को जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर के आदेश पर शाम बजे जिले में सरकारी ठेके बंद कर दिए गए। अंग्रेजी शराब की दुकानें और देशी शराब की दुकान संचालकों ने शाम बजते ही ताला लगा दिया। शराब की दुकानें बंद होने के कारण शराब पीने वालों की भीड़ शराब के ठेके के सामने लग गई, लेकिन शराब की दुकानें बंद होने के कारण लोगों को शराब नहीं मिल पाई। शराब नहीं मिलने के कारण लोग इधर-उधर भटकते हुए दिखाई दिए। उधर जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह ने बताया कि शराब की दुकानें बंद करा दी गई है, मतदान के बाद ही दुकानें दोबारा खोली जाएगी, इस दौरान कोई शराब बेचता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।