क्षेत्र के गांव खोड़समा में चमरावाला सहकारी समिति के नाम चल रही जमीन के विवाद को लेकर जांच करने के लिए राजस्व विभाग की टीम सोमवार को खोड़समा पहुंची। मौके पर मौजूद किसानों और खेतों में कार्य कर रहे मजदूरों से बातचीत करने के बाद टीम लौट गई।
गांव खोड़समा गांव में राज्य सरकार की सैकड़ों बीघा जमीन है, जिसमें से चमरावाला सहकारी समिति के नाम पर करीब 32 हेक्टेयर जमीन है। उस पर समिति के पदाधिकारियों का कब्जा बताया जाता है। वर्ष 1996 में चमरावाला समिति का गठन किया गया था। पिछले दिनों भाकियू नेताओं और ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से शिकायत कर इस जमीन से कब्जा हटवाने की मांग की थी। आरोप लगाया था कि चमरावाला सहकारी समिति में एक ही परिवार के सदस्य शामिल हैं तथा उक्त कृषि भूमि को ठेके पर देकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है। सोमवार को इस मामले की जांच करने नायब तहसीलदार प्रवीण कुमार तथा उनके साथ राजस्व विभाग की टीम गांव खोड़समा में पहुंची। खेतों में कृषि कार्य में लगे किसानों से पूछा कि इस जमीन का मालिक कौन है, तो किसानों ने बताया कि हमने तो जमीन ठेके पर ले रखी है। इस दौरान रणधीर सिंह, समरपाल तोमर सहित अन्य किसान भी मौजूद रहे। नायब तहसीलदार प्रवीण कुमार ने बताया कि एसडीएम के निर्देश पर जांच करने आए थे। जांच रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी।