कांधला। यमुना नदी में उफान से ठोकरें टूटने से गांव डूंडूखेडा और इस्सोपुरटील के आसपास खेतों में फसलें जलमग्न हो गई। इससे किसानों का काफी नुकसान हुआ।
गांव इस्सोपुरटील और डूंडूखेडा के पास यमुना नदी की ठोकर टूटने की वजह से खेतों में पानी घुस गया। किसानों का आरोप है कि तटबंध और ठोकरें बनाने पर हर साल सिंचाई विभाग मोटी धनराशि खर्च दिखाता है। मगर, यमुना नदी में उफान से सारी व्यवस्था सिमटती नजर आई। यमुना का जलस्तर बढ़ने से डूंडूखेड़ा और इस्सोपुर टील की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई। किसानों को जान जोखिम में डालकर अपने पशुओं और उपकरणों को खेतों से बाहर लाना पड़ा। यमुना नदी का पानी खेत से अब गांव की ओर घुसने से ग्रामीणों में हड़कंप मचा है। सुरक्षा के चलते ग्रामीणों ने बच्चों और पशुओं के खेत खलिहान की ओर जाने से प्रतिबंध लगा दिया है। ग्रामीण भूपेंद्र शर्मा, जयपाल, राजपाल, जयकुमार, विनोद, जय सिंह, रोशन, कंवरपाल और रोशन आदि का कहना है कि इस संबंध में सिंचाई विभाग को सूचना दी गई, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसे लेकर किसानों में रोष व्याप्त है।
फसल बर्बाद होने पर नदी में कूदा किसान
कांधला। गांव डूंडूखेड़ा निवासी किसान अंजेश के खेत यमुना नदी के पानी में समा गए। खेत में गन्ना और धान की फसलें बर्बाद होने पर बुधवार को अंजेश को गहरा आघात लगा और वह नदी में कूद गया। मौके पर मौजूद अन्य किसानों ने उसे बाहर निकाला। किसानों ने बताया कि अंजेश के पास आजीविका का साधन सिर्फ खेती है। यमुना में आए उफान से ठोकरें टूटने पर खेत यमुना के पानी में समा गया, जिस कारण अंजेश को भारी नुकसान हुआ।