हर नगर और ब्लाक में खुलेंगे पांच-पांच अंग्रेजी मीडियम स्कूल
शामली।
जनपद में अंग्रेजी माध्यम से नए सत्र में परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई प्रारंभ होने जा रही है। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जनपद में संचालित प्राथमिक विद्यालयों में से प्रत्येक ब्लाक व नगर क्षेत्र में पांच पांच प्राथमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से शिक्षण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। बेसिक शिक्षा परिषद ने प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को वर्ष 2018 -19 शैक्षिक सत्र मेें अंग्रेजी माध्यम से स्कूलों का चयन 15 मार्च तक करने के निर्देश दिए हैं।
प्रत्येक ब्लाक और नगर क्षेत्रों में संचालित प्राथमिक विद्यालयों में से पांच-पांच विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के लिए चयन किया जाएगा। अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के अनुरूप वहां सुविधाएं व संसाधन भी मुहैया कराए जाएंगे। परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं में से ही अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के अध्यापक अध्यापिकाओं का चयन किया जाएगा। अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के चयन के लिए जिला स्तर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी में राजकीय इंटर कॉलेज के अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता, अंग्रेजी विषय के विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित सदस्य और संबधित जिले के बीएसए सदस्य नियुक्त किया जाएगा।
-15 मार्च तक पूरी होगी चयन प्रक्रिया
बेसिक शिक्षा परिषद ने अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का चयन, शिक्षकों का चयन और प्रशिक्षण कार्य 15 मार्च तक पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
-यह रहेगी पात्रता
अंग्रेजी विषय के साथ इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं का ही अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापकों के पद पर चयन किया जाएगा।
-ऐसी होगी चयन प्रक्रिया
अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के लिए इच्छुक शिक्षकों से आवेदन आवेदन मांगे जाएंगे, जिलास्तर पर गठित चयन समिति की ओर से शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों के चयन के लिए 50 अंक की लिखित परीक्षा व 50 अंक का साक्षात्कार लिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में से चयनित शिक्षकों की तैनाती ग्रामीण क्षेत्र के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों और शहरी क्षेत्र के शिक्षकों तैनाती नगर क्षेत्र के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में तैनाती की जाएगी, अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में प्रधानाध्यापकों का चयन प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को उच्च प्राथमिक स्कूलों के सहायक अध्यापकों में से किया जाएगा।