चुनाव आयोग ने निर्धारित किए क्रिटिकल बूथों के मापदंड
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। लोकसभा चुनाव में मतदेय स्थल के आसपास दो सौ मीटर परिधि के अंदर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी के होर्डिंग- बैनर, पोस्टर कट आउट नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदेय स्थल का पर्याप्त स्थल नहीं तो, उनके बैठने या मतदान या मतदान टोली को बाहर बैठाने का बाहर व्यवस्था की जाए।
डीएम अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि लोकसभा चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने का दायित्व जोनल, व सेक्टर मजिस्ट्रेट का है। जोन व सेक्टर क्षेत्र में आने वाले मतदेय स्थल पर निर्वाचन संपन्न कराने के लिए मतदान टोलियों को चिह्नीकरण कर निर्वाचन सामग्री ईवीएम आदि समय गंतव्य स्थल को प्रस्थान करे। चुनाव में लगे सेक्टर-जोनल, मजिस्ट्रेट नियत तिथि व समय पर प्रभारी अधिकारी यातायात वाहन से अपना वाहन लॉगबुक ईंधन आदि की पर्ची प्राप्त करे ले। जोन सेक्टर का विवरण संबधित रूट चार्ट व मानचित्र वाहन उपलब्ध कराए जाने की तिथि को दिया जाएगा। वाहन प्राप्त होने के बाद अपने रिटर्निंग अधिकारी को उनके मोबाइल फोन पर सूचित करते हुए अपने जोन सेक्टर में पड़ने वाले मतदेय स्थलों का भ्रमण करेंगे। भ्रमण के बाद अपने रिपोर्ट जोनल मजिस्ट्रेट के माध्यम से अपने रिटर्निंग आफिसर को उपलब्ध कराएंगे। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार जोन सेक्टर में ऐसे गांव मजरे आबादी क्षेत्र जहां किसी प्रकार की धमकी दिए जाने व डराने व स्वतंत्र मतदान किए जाने में बांधा पहुंचाने की संभावना है। ऐसे गांव मजरे आबादी क्षेत्र पहचान की जाएगी।
क्रिटिकल बूथों के चिह्नीकरण के लिए आयोग के मापदंड
डीएम ने बताया कि ऐसे मतदेय स्थल जिसमें विद आउट फैमिली लिंकेज श्रेणी के मतदाताओं की संख्या संबधित विधानसभा क्षेत्र के औसत से अधिक है।
--ऐसे मतदेय स्थल जिनके तहत वनरेबिल मतदाताओं का ग्रुप आते हों।
ऐसे मतदेय स्थल जहां विगत आम चुनाव में निर्वाचन संबंधी अपराध, धांधली के कारण फिर से मतदान हुआ हो।