अमर उजाला ब्यूरो
शामली। नगरपालिका के चार सभासदों ने टैक्स वृद्धि करने में मनमानी करने और आपत्तियों की सुनवाई न करने का आरोप लगाया है। सभासदों ने डीएम को पत्र सौंपकर टैक्स वृद्धि की आपत्तियों पर सुनवाई सभासद की मौजूदगी में वार्ड टू वार्ड कराने की मांग की है।
सभासद निशी रानी, पंकज गुप्ता, राजीव गोयल और अनिल उपाध्याय ने डीएम अखिलेश सिंह को पत्र सौंपकर आरोप लगाया कि नगरपालिका प्रशासन ने शासनादेश का हवाला देकर भवन एवं जलकर में मनमानी वृद्धि कर सरकार को बदनाम करने का प्रयास किया है, जबकि प्रदेश की किसी नगर पंचायत या नगर पालिका के वर्तमान बोर्ड में टैक्स की वृद्धि नहीं की गई। आरोप लगाया कि सर्वे के दौरान पालिका कर्मियों ने भेदभाव करते हुए झूठी किरायेदारी दर्शायी जबकि अपने चहेते के यहां किरायेदारी नहीं दर्शायी या बहुत कम दर्शायी। आरोप है कि टैक्स वृद्धि पर आई आपत्तियों पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं की गई। उन्होंने वार्ड टू वार्ड सभासद की मौजूदगी में आपत्तियों पर सुनवाई कराने की मांग की। सभासदों ने यह भी आरोप लगाया कि रिहायशी इलाकों में किरायेदारी पर वृद्धि कर 20 से 50 हजार रुपये सालाना टैक्स लगाया है जबकि मैरिज होम पर दस से 15 हजार रुपये सालाना टैक्स लगाया गया है। सभासदों ने पालिका पर 14वें वित्त आयोग से सड़क निर्माण विकास कार्यों की बिकने वाली निविदाओं में भी हेराफेरी कर राजस्व हानि पहुंचाने का आरोप लगाया। डीएम से इन मामलों की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।
इस संबंध में पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि अभी तक टैक्स वृद्धि पर आपत्ति ली जा रही थी, जल्द ही सुनवाई शुरू कर इनका निस्तारण किया जाएगा। सभी पर एक समान टैक्स वृद्धि की गई है। टैक्स वृद्धि में मनमानी का आरोप निराधार है।