शामली। पहाड़ों पर बारिश होने से हथिनीकुंड बैराज से यमुना में एक बार फिर 28 हजार 749 क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने से जलस्तर बढ़ गया है।
जून के दूसरे सप्ताह में यमुना नदी में सामान्य तौर से जल स्तर चल रहा था। चार जुलाई को यमुना में पहली बार 11 हजार 330 क्यूसेक जलस्तर रिकार्ड किया गया। 11 जुलाई को 26 हजार 728 क्यूसेक पानी रिकार्ड किया गया। यमुनोत्री धाम में पिछले 24 घंटे पूर्व तेज बारिश होने से यमुना नदी में हथिनीकुंड बैराज से सुबह आठ बजे 28 हजार 749 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। दोपहर दो बजे यमुना नदी एक बार फिर जलस्तर में बढ़ोत्तरी हुई। सिंचाई विभाग के कंट्रोल रूम से अधिकारिक जानकारी के अनुसार यमुना नदी में दोपहर दो बजे यमुना नदी का जलस्तर 10 हजार 824 क्यूसेक पानी पहुंच गया है। हथनी कुंड बैैैराज से छोड़े गए पानी के बारे में सिंचाई विभाग के अधिकारियो ने सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद व राजधानी दिल्ली के अधिकारियों को जानकारी देकर अलर्ट कर दिया है।
कैराना यमुना पुल पर केंद्रीय जल आयोग के अधिकारिक जानकारी दी है कि बुधवार सुबह आठ बजे कैराना यमुना पुल पर यमुना का जलस्तर 228 मीटर दर्ज किया गया। हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गया जलस्तर दोपहर दो बजे के बाद बढ़ना शुरू हो गया था। दोपहर तीन बजे यमुना का जल स्तर 228.8 मीटर पहुंच गया था। देर रात तक यमुना के जलस्तर 228.20 मीटर तक पहुंचने की संभावना है। फिलहाल यमुना का जलस्तर खतरा चेतावनी बिंदु से अभी दो मीटर नीचे बह रही है। जिला प्रशासन ने बाढ़ चौकी खोल कर लेखपालों की तैनाती कर दी है। ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता अशोक कुमार धीमान ने कहा कि यमुना का जलस्तर बढ़ने के लिए ग्रामीणों का अलर्ट कर दिया गया है।