एसडीएम से मेला लगाने की अनुमति नहीं देने की वकालत
कैराना। एतिहासिक मराठाकालीन देवी मंदिर की तालाब की भूमि पर मंदिर समिति की बगैर अनुमति के मेला लगाने की तैयारी चल रही है। उधर, इस मामले में मंदिर समिति और मस्जिद कमेटी दोनों ने ही एसडीएम के यहां आपत्ति दर्ज कराते हुए मेले के आयोजन को अनुमति नहीं देने की मांग की है।
कैराना में प्रसिद्ध देवी मंदिर में पिछले कई दिनों से मेले में झूले व अन्य सामान गाड़ियों में भर कर लाया जा रहा है। इस संबंध में देवी मंदिर तालाब सेवा मंडल समिति के सचिव सुभाष मित्तल ने एसड़ीएम को शिकायती पत्र देकर मंदिर की भूमि पर मेले लगने पर आपत्ति जताई है। कहा गया कि ईद के मौके पर मेला लगने की हालत में धार्मिक उन्माद फैल सकता है। ऐसी आशंका है। वहीं, मस्जिद कमेटी के सदस्य ताहिर, साजिद, इलियास आदि सहित देहात की प्रधान मुनीबा व उसके पति सत्तार ने भी एसडीएम को शिकायती पत्र दिया है कि मंदिर की खाली पड़ी भूमि पर मेला अवैध रूप से लगाया जा रहा है। भूमि मंदिर के बराबर में है और मंदिर में पूजा-पाठ की जाती है, तो मस्जिद में पांच वक्त की नमाज अदा करते हैं। मेले के कारण मौके पर झगड़ा व शांतिभंग होने की आशंका रहेगी। उन्होंने सख्त आपत्ति व नाराजगी जताई है। ऐसे में साफ है कि यदि मेला लगा, तो शहर की शांत फिजा में जहर घुल सकता है। इस संबंध में एसडीएम से संपर्क करने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल को रिसीव नहीं किया।
-इनका कहना...
‘‘भूमि स्थान देवी मंदिर का है। मेले की समिति ने कोई परमिशन नहीं दी है। जबरदस्ती मेला लगाया जा रहा है। एसडीएम को उन्होंने लिखित शिकायत कर आपत्ति जताई है। मेला लगने पर धार्मिक उन्माद फैलने की आशंका है।’’
-सुभाष मित्तल, सचिव, श्री देवी मंदिर तालाब सेवा मंडल समिति।