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सब्सिडी मुसलमानों के साथ एतिहासिक धोखा था...

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सब्सिडी मुसलमानों के साथ धोखा था
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कैराना(शामली)। देवबंद से आए आलिम-ए-दीन मुफ्ती शौकत ने कहा कि केंद्र सरकार ने हज सब्सिडी समाप्ति की घोषणा है। यह निर्णय काफी पहले ले लेना चाहिए था। हज धनवान पर फर्ज होता है। इसमें रियायत की कतई कोई जरूरत नहीं है। हज सब्सिडी मुसलमानों के साथ धोखा था। सरकार इस पर दोहरी नीति चल रही है, जिसके खिलाफ जमीयत उलमा-ए-हिंद को सुप्रीम कोर्ट में जाना चाहिए।
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मोहल्ला मुल्तानियान में एक समारोह में पहुंचे जामिया कुदसिया देवबंद के शेखुल हदीस हजरत मौलाना मुफ्ती मोहम्मद शौकत ने कहा कि वैसे भी पूर्व की आधी सदी में इस संबंध में जो सब्सिडी मिली है, उसका सबसे बड़ा पहलू यह है कि किसी भी हाजी की जेब में न तो उसका कोई रुपया आया और न उनके बैंक खातों में भेजा गया। किसी भी विभाग ने किसी हाजी को ये राशि नकद नहीं दी। उन्होंने कहा कि विचार करें तो हज के दिनों में सरकार आम दिनों की तुलना में किराया दोगुना कर देती है। इसमें हज यात्रियों को इस तरह के कोड तक सीमित कर दिया गया है कि वह सरकारी सेवा या एयर इंडिया के माध्यम अलावा किसी दूसरी सेवा में यात्रा न कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार हज यात्रा में किराए की अधिक मात्रा अपने खाते में से किसी एक हाजी के नाम से जोड़ती है और इसे एयर इंडिया के खाते में डाल लेती है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष अल्पसंख्यक विभाग में मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से एक प्रतिनिधिमंडल मिला था, जिसने ग्लोबल टेंडर की मांग की थी। यहीं मांग इस समय भी रखी गई थी, लेकिन उसके जवाब में मंत्री कन्नी काट गए थे। उन्होंने कहा कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद को सरकार की दोहरी नीति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहुंचना चाहिए कि आम दिनों में दिल्ली से जद्दा के लिए किसी भी कंपनी के विमान से क्यों जा सकते हैं ? यह तो जुल्म है। इस मौके पर मौलाना महबूब नदवी, मौलाना मुअज्जम रहमानी, मौलाना फैजान साकिब कासमी, हाफिज हुसैन आदि मौजूद रहें।
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