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अमीर आलम होंगे रालोद में शामिल

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शामली।
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लंबे समय से शामली और मुजफ्फरनगर जिले में राजनीतिक पारी खेल रहे पूर्व सांसद अमीर आलम खान की घर वापसी हो रही है। वह अपने बेटे नवाजिश आलम सहित राष्ट्रीय लोकदल में शामिल होने जा रहे हैं, जिसकी औपचारिक घोषणा 10 जनवरी को गढ़ीपुख्ता में रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी की मौजूदगी में होगी।
मूलरूप से कस्बा गढ़ीपुख्ता निवासी अमीर आलम का राजनीतिक सफर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की पार्टी से हुई थी, तब वह 1985 में थानाभवन सीट से विधायक चुने गए थे। इसके बाद 1989 में उन्होंने मुजफ्फरनगर की मोरना सीट से जनता दल के टिकट पर चुनाव जीता, लेकिन उसके बाद 1996 में समाजवादी पार्टी में शामिल होकर थानाभवन से विधायक बने थे। इसके तीन साल बाद ही वह फिर से रालोद में आ गए थे और 1999 में कैराना लोकसभा सीट से रालोद के टिकट पर ही सांसद चुने गए थे। इसके बाद वह फिर से सपा में चले गए थे और 2006 में समाजवादी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा सदस्य बनाया था, तब से वह लगातार समाजवादी पार्टी में थे और उनके बेटे नवाजिश आलम ने 2012 के विधानसभा चुनाव में बुढ़ाना सीट से सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीता था, लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में पहले तो सपा ने उन्हें बिजनौर से प्रत्याशी घोषित कर दिया था, लेकिन ऐन वक्त पर उनका टिकट काटकर शाहनवाज राना को प्रत्याशी बना दिया था। इसके बाद से वह समाजवादी पार्टी में खुद को असहज महसूस कर रहे थे।
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पिछले काफी दिन से चर्चाएं चल रही थी कि पूर्व सांसद अमीर आलम खान सपा छोड़कर किसी दूसरी पार्टी में जा सकते हैं, जिसके चलते उन्होंने रालोद में जाने का मन पक्का कर लिया। रालोद नेताओं से पक्की बातचीत होने पर उन्होंने रालोद में शामिल होना तय कर लिया, जिसके चलते 10 जनवरी को गढ़ीपुख्ता में आयोजित कार्यक्रम में वह अपने बेटे नवाजिश आलम खान के साथ रालोद में शामिल हो जाएंगे। रालोद जिलाध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन ने बताया कि गढ़ीपुख्ता में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी के अलावा पूर्व मंत्री नवाब कोकब हमीद के बेटे अहमद हमीद भी मौजूद रहेंगे।
जाट मुसलिम गठजोड़ को मजबूत करने की कवायद
वर्ष 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे के बाद रालोद का जाट-मुसलिम गठजोड़ गड़बड़ा गया था। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव और फिर 2017 के चुनाव में भी दंगे के दौरान पैदा हुई खाई का खामियाजा रालोद को उठाना पड़ा था। अमीर आलम खान को रालोद में शामिल करने के पीछे उसी खाई को पाटने की कवायद मानी जा रही है।
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गढ़ीश्याम भी पहुंचेंगे जयंत चौधरी
10 जनवरी को रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी गढ़ीपुख्ता में कार्यक्रम के बाद शामली में कैराना रोड स्थित जेजे फार्म में कार्यकर्ताओं के साथ विचार विमर्श करेंगे। इसके बाद कांधला क्षेत्र के गांव गढ़ी श्याम में पहुंचकर छात्रा सोनी कश्यप के परिजनों से मुलाकात करेंगे। छात्रा सोनी कश्यप की विगत 13 दिसंबर को धारदार हथियार से काटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी।
अमीर आलम का राजनीतिक सफर
- 1985 में लोकदल के टिकट पर थानाभवन से विधायक
- 1989 में जनता दल से मोरना क्षेत्र से विधायक
- 1991 में मुलायम सिंह यादव की सरकार में परिवहन राज्य मंत्री बने
- 1996 में सपा के टिकट पर थानाभवन से विधायक बने
- 1999 में रालोद प्रत्याशी के रूप में कैराना से सांसद बने
- 2006 में सपा की ओर से राज्य सभा सदस्य बनाए गए
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