शासन से बजट जारी नहीं होने के कारण जिले में कई विकास परियोजनाएं अधर में लटक गई हैं। जिला मुख्यालय के भवनों का निर्माण कार्य बी नहीं हो रहा है। पूर्वी यमुना नहर पटरी मार्ग का चौड़ीकरण भी अधर में लटक गया है। इन कामों के शुरू नहीं होने से विकास कार्यों के समय पर पूरा होना केवल एक सपना है।
पूर्वी यमुना नहर के किनारे मुंडेट, गोहरनी, बधेव, भैसवाल गांव की 265 भूमि में जिला मुख्यालय के लिए चिह्नित करके विकास का खाका खींचा गया था। कलक्ट्रेट, विकास भवन, जिला अस्पताल, बीएसए, डीआईओएस कार्यालय और पूर्वी यमुना नहर की पटरियों का चौड़ीकरण, दो पुलों का निर्माण, एसपी कार्यालय, पुलिस लाइन और जिलास्तरीय अधिकारियों के आवासों के निर्माण होना है। छह माह से इनका निर्माण अधर में लटका हुआ है।
--- डेढ़ साल से बंद है जिला अस्पताल का निर्माण --
पूर्वी यमुना नहर के किनारे ग्राम मुंडेट के जंगल में एक सौ बेड का जिला अस्पताल बनना है। शासन ने प्रथम किश्त के रूप में जारी करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। डेढ़ साल से शासन से दूसरी किश्त जारी नहीं की है। इस कारण जिला अस्पताल, सीएमओ कार्यालय एवं आवासों का निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा है।
जिला मुख्यालय का कार्य भी अधूरा
कलक्ट्रेट मुख्यालय के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत 29,91,83000 रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। उसमें से तीन करोड़ रुपये पहली किश्त जारी हुई, जो छह माह पूर्व खत्म हो चुकी है। दूसरी किश्त जारी न होने से निर्माण अधर में लटका है। विकास भवन निर्माण के लिए प्रथम किश्त तीन करोड़ रुपये और दूसरी किश्त 86 लाख रुपये खर्च हो चुकी है। तीसरी किश्त नहीं मिलने की वजह से निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है। जिला स्तरीय अधिकारियों के आवास निर्माण के लिए भी दूसरी किश्त नहीं मिल पाई है। यही हाल बीएसए- डीआईओएस कार्यालय का है। पहली किश्त खर्च होने के बाद दूसरी किश्त का इंतजार है।
नहीं हो रहा नहर पटरी का चौड़ीकरण
पूर्वी यमुना नहर की दोनों पटरियों का चौड़ीकरण होना है। 44 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई थी, जिसमें दो पुलों का निर्माण भी होना है। 14 करोड़ रुपये प्रथम किश्त में आने के बाद खर्च कर दी गई, लेकिन दूसरी किश्त नहीं मिल रही। नहर की पटरी का चौड़ीकरण और दोनों पुलों का निर्माण पिछले छह माह से अधूरा पड़ा है।
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अधूरी परियोजना के लिए शासन से धनराशि मांगी गई है। धनराशि मिलने पर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। - इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी