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ड्रेनेज खंड विभाग यमुना में बाढ़ सुरक्षा की तैयारियों में जुटा

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शामली।
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यमुना में बाढ़ सुरक्षा के मद्देनजर ड्रेनेज खंड विभाग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी हैं। कलरी गांव यमुना तटबंध के किनारे पत्थर, रेत और मिट्टी से भरे कट्टे, बल्लियां, नाइलोन का जाल आदि सामग्री मौके पर मंगा ली गई है। वहीं, अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह ने यमुना किनारे पहुंचकर ड्रेनेज खंड विभाग की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि यमुना का जल स्तर बढ़ा तो जिले के कलरी गांव को खतरा पैदा हो जाएगा।
मंगलवार को एडीएम शिवबहादुर सिंह ने यमुना किनारे बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों के तटबंध का दौरा कर व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने यमुना किनारे कलरी-साल्हापुर गांव में यमुना के तटबंध के बारे में ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता से जानकारी ली। यमुना किनारे तटबंध और रिंग बांध के बीच 50-60 मीटर की दूूरी में 15-20 परिवारों के मकान पहले से बने हुए हैं। पिछले साल यमुना में आई बाढ़ से यमुना में कटान होने से गांव को खतरा बन गया था। गांव को बचाने के लिए ड्रेनेज खंड ने 18 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृति के लिए उत्तर प्रदेश शासन को प्रस्ताव भेजा था।
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सहायक अभियंता प्रवीण कुुमार ने बताया कि कलरी गांव और यमुना के मुख्य तटबंध के बीच 400 मीटर की दूूरी है। गांव में यमुना की तीन ठोकरें बनाई गई हैं। यमुना तटबंध और रिग बांध बना हुआ है। कलरी गांव में बाढ़ सुुुरक्षा की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बाढ़ सुरक्षा के मद्देनजर रेत और मिट्टी से भरे कट्टे, नाइलोन का जाल, बल्लियां और पत्थर मौके पर ड्रेनेज खंड विभाग ने मंगा लिए हैं।
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नए सिरे से बनेगा बाढ़ सुरक्षा का बजट
ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता प्रवीण कुमार ने बताया कि शासन स्तर पर बाढ़ सुरक्षा को लेकर तीन दिन पूर्व बैठक हुई। उसमें उत्तर प्रदेश शासन ने पिछले साल बाढ़ सुरक्षा के 18 करोड़ रुपये के पुराने बजट को स्थगित करते हुए नए सिरे से बजट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मौजूदा दौर में यमुना की धारा बदल रही है। इसलिए बाढ़ से सुरक्षा को लेकर भी नए सिरे से बजट का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
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