दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे के लिए राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही इस मार्ग को नेशनल हाईवे घोषित करने पर विचार होगा। इस मार्ग की नए सिरे से डीपीआर तैयार कराई जा रही है। डीपीआर के नतीजों के आधार पर प्रदेश सरकार की तरफ से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने के बाद इस मार्ग को नेशनल हाईवे घोषित करने पर विचार होगा। वहीं, मार्ग की विशेष मरम्मत के लिए उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण ने प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।
दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण की देखरेख मे चार लेन का निर्माण प्रस्तावित था। हाल में ही इस मार्ग को नए राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की प्रक्रिया के मद्देनजर उपशा इस मार्ग की विशेष मरम्मत कराएगी। विशेष मरम्मत के नाम पर उपशा द्वारा 12 करोड़ 73 लाख रुपये की धनराशि मांगी गई है। उपशा की टीम दिल्ली बार्डर से लेकर सहारनपुर तक 207 किमी सड़क का सत्यापन कर चुकी है। उपशा के तकनीकी महाप्रबंधक अतुल शर्मा ने बताया कि दिल्ली से लेकर सहारनपुर तक गाजियाबाद जिले के लोनी, बागपत जिले के गौरीपुर, सरूरपुर कलां, बावली गांव, शामली जिले में अप्रोच रोड की हालत खराब है। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद जिले के लोनी कस्बे में फ्लाईओवर का कार्य चलने से सड़क पर पानी भर गया है। जलभराव रोकने के लिए लोनी में सीसी रोड, गौरीपुर- सरूरपुर कलां, बावली में सड़क व शामली जिले में पुलियों की अप्रोच रोड की मरम्मत कराकर ऊंचा उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि शासन से धनराशि मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
उधर, केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुख्य अभियंता एके श्रीवास्तव ने अग्रवाल मित्र मंडल शामली के सचिव अनुज बंसल के पत्र के जवाब में अवगत कराया है कि मंत्रालय ने इस मार्ग को नेशनल हाईवे घोषित करने की सैद्धांतिक स्वीकृत प्रदान कर दी है। इस मार्ग की डीपीआर तैयार कराई जा रही है। डीपीआर के रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र होने के बाद इस मार्ग को नेशनल हाईवे घोषित करने पर विचार होगा।