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मिल में पहुंचा बंपर गन्ना, शहर हो गया जाम

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शहर में जाम के कारण वाहनों की रफ्तार थमी
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। शुगर मिल में गन्ने की बंपर आवक के चलते मंगलवार को भी दिनभर शहर जाम रहा। जाम के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई। स्कूल आने जाने वाले बच्चों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर गन्ने का अंबार लग गया। शहर के बाजार और गली मोहल्ले भी जाम रहे। पुलिस की मशक्कत के बाद भी यातायात सुचारु नहीं हो सका। जाम में फंसे लोगों को गंतव्य स्थान पर पहुंचने में काफी समय लगा।
मंगलवार को सुबह 11 बजे ही शहर में गन्ने से भरी ट्रैक्टर ट्रालियां और बुग्गियां लेकर किसान आने शुरू हो गए थे। दोपहर एक बजे दिल्ली सहारनपुर हाईवे पर अजंता सिनेमा से शुगर मिल तक गन्ने के वाहनों का जमावड़ा लग गया। पूरा शहर गन्ने के वाहनों से भर गया। दोपहर दो बजे के बाद स्कूलों में छुट्टियां होने पर स्कूली वाहनों की भीड़ बढ़ने पर हालात और बिगड़ गए। वाहन एक दूसरे से सटे होने की वजह से पैदल सड़क पार करनी भी मुश्किल हो रही थी। एमएसके रोड पर जाम की वजह से लोगों ने शिव चौक से सब्जी मंडी मार्केट की ओर से नाला पटरी की ओर से वाहन निकालने शुरू कर दिए थे, जिससे यहां भी जाम लग गया। सब्जी विक्रेताओं की वाहन चालकों से भी बहस हुई।
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इन बाजारों का हुआ बुरा हाल
लोगों ने शार्टकट के चक्कर में बाजारों से अपने दुपहिया ,ई रिक्शा निकालने शुरू किए तो बाजार भी जाम होने शुरू हो गए । बड़ा बाजार ,नया बाजार, भिक्की मोड़, शिव गंज मंडी, रेलवे रोड, रेलवे गांधी चौक, स्टेशन बाइपास आदि जगहों पर भी जाम से लोग बेहाल रहे। कई जगह तो उनकी दुकानदारों से नोकझोंक भी हो गई।
गलियां भी हुई जाम
कुछ लोगों ने आर्यपुरी, नाला पटरी, सीबी गुप्ता कालोनी, कमला कालोनी आदि मोहल्ले से वाहन निकालने शुरू किए तो वहां भी जाम लगने लगा। स्कूली वाहन भी गलियों में नहीं आ रहे थे। नतीजतन अभिभावक भी बच्चों के लिए परेशान दिखे। लोग मेन रोड पर ही स्कूली वाहनों से अपने बच्चों को ले गए।
स्कूली छात्राएं भी जाम में फंसी
हिंदू कन्या इंटर कालेज की छात्राएं मिल रोड और एमएसके रोड पर जाम में फंसी थी। हालत ये थी कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा था। वाहन एक दूसरे से सटे थे। ऐसे में सड़क पार करना भी मुश्किल हो रहा था। दोपहर दो बजे के बाद स्कूलों की छुट्टी के बाद स्कूली वाहन भी जाम में फंसने शुरू हो गए थे। शाम छह बजे तक जाम पूरी तरह नहीं खुला था।
जाम की वजह
वजह -एक
जिला गन्नाधिकारी अनिल भारती के अनुसार पिछले सालों में ये देखा गया कि मिल चलने के 8-10 दिन तक जारी किए गए इंडेंट का 40 से 50 प्रतिशत गन्ना ही मिल मेें आता था। लिहाजा मिलें पेराई क्षमता के अनुसार ही इंडेंट जारी करती थी, लेकिन इस साल शुरू में ही कुल जारी इंडेंट का 70 से 80 प्रतिशत गन्ना किसान लेकर आ गए।
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वजह -दो
डीसीओ के अनुसार शामली शुगर मिल की पेराई क्षमता 70 हजार क्विंटल प्रतिदिन है, लेकिन तकनीकी वजहों से मिल की औसत पेराई 40 से 50 क्विंटल प्रतिदिन आ रही है। मिल का पूरा यार्ड भी भर जाता है। इस वजह से मजबूरन तौल भी रोकनी पड़ती है। इसी कारण गन्ने के वाहन सड़कों पर खड़े होने से जाम की स्थिति बनती है।
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