शामली। बाबरी थानाक्षेत्र के गांव हिरनावाड़ा निवासी राजबीरी ने एसपी डाक्टर अजयपाल शर्मा को प्रार्थना पत्र भेजकर बताया कि नवंबर 2014 में उसके बेटे मानसिंह फौजी के साथ गांव के कुछ लोगों ने मारपीट कर दी थी। इस दौरान उसका पौत्र सतीश, अमरीश, अर्जुन और पौत्रवधु प्रीती घायल हो गई थी। आरोप है कि दूसरे पक्ष ने गर्भवती प्रीती के पेट में लात मार दी थी। जिस कारण उसका गर्भ भी गिर गया था। आरोप है उस समय बाबरी पुलिस ने सेटिंग कर दूसरे पक्ष की ओर से फर्जी एनसीआर दर्ज कर ली थी। बाद में पुलिस ने एनसीआर को मुकदमे में तरमीम कर पीड़ितों को ही जेल भेज दिया था। पीड़िता ने एसपी से चार बिंदुओं पर न्यायिक जांच बैठाने की मांग की है। महिला के अनुसार मामले की दोबारा जांच कराई जाए और धारा 326 हटाई जाए। इसके अलावा तत्कालीन एसओ के कारण वह आज तक मानसिक और आर्थिक हानि उठा रही है। इस कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। गर्भस्थ शिशु की हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए।