बेटियों की पढ़ाई में किसी तरह की बाधा न आने पाए, उसके लिए शासन ने इस बार नई व्यवस्था शुरू की है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा परियोजना के तहत अब दाखिले से वंचित छात्राओं को उन स्कूलों में भी दाखिला मिल सकेगा, जिनमें अभी तक सिर्फ छात्र ही पढ़ते हैं। जिले में ऐसे कॉलेजों की संख्या 78 है। इनके प्रबंधक और संचालकों को जिला विद्यालय निरीक्षक ने छात्राओं का दाखिला भी लेने का निर्देश दिया है।
मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक एसएन सिद्दीकी ने बताया कि शासन के निर्देश पर अब सभी छात्रों वाले स्कूलों में भी छात्राएं दाखिला ले सकेंगी। यह व्यवस्था इसी सत्र से शुरू होने जा रही है। उन्होंने बताया कि जनपद के सभी मान्यता प्राप्त, वित्तविहीन, राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर व्यवस्था लागू करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया जनपद के लगभग 95 हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में लगभग 78 स्कूल कॉलेज ऐसे हैं, जिनमें सिर्फ छात्र ही पढ़ाई करते हैं।
उन्होंने बताया कि छात्राओं के दाखिले में यह दिक्कतें सामने आ रही थीं कि सीटें भर जाने के कारण उन्हें दाखिला नहीं मिल पाता था। जिन स्कूलों में सिर्फ छात्र ही पढ़ते हैं, उनमें भी दाखिला नहीं होता था। उन्होंने बताया कि शासन ने इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए छात्रों वाले कॉलेजों में छात्राओं के दाखिले कराने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा गया है कि छात्राओं का दाखिला कराने के साथ ही स्कूल प्रबंधन और संचालकों की जिम्मेदारी होगी कि वह सुरक्षा के इंतजाम भी पुख्ता रखें तथा अनुशासन मजबूत बनाएं। ताकि छात्राओं को दाखिला लेने के बाद पढ़ाई में किसी तरह की दिक्कत सामने न आने पाए।