फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सज गय मां सांझी का बाजार

विज्ञापन
विज्ञापन
सज गया मां सांझी का बाजार
विज्ञापन

शामली। दस अक्तूबर को शुरू होने वाले शारदीय नवरात्र के मद्देनजर शहर में विभिन्न रंगों में सजी नवदुर्गा का प्रतीक सांझी बाजारों में आ गई है। शहर के हनुमान धाम के आसपास दुकानों में सांझी बीस रुपये से लेकर 1150 रुपये की कीमत तक बिक्री हो रही है। बालो व मुकुट से बनी सांझी के साथ नारियल- चुनरी आर्ट फिशियल मालाएं आकर्षण का केंद्र बनी है।
विज्ञापन

दस अक्तूबर से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। नवरात्र में मिट्टी से बनी दुर्गा का प्रतीक सांझी घरों में स्थापित करके नौ दिन तक विशेष पूजा- अर्चना व व्रत करने का विधान हैं। घरों में मां दुर्गा का स्वरूप मिट़्टी से बनी सांझी बिक्री के लिए दुकानें लग गई हैं। अधिकतर दुकानें हनुमान धाम के आसपास बाजारों में मुख्य मार्ग पर लगी है। हनुमान धाम के पास दुकानदार अंकित के पास बालो-मुकुट वाली सांझी बीस रुपये से लेकर 300, 750, 1150 रुपये वाली सांझी आकर्षण का केंद्र है। दुकानदार बताता है कि कलकत्ता से सांझी लाकर उनमें रंग भरते हैं। मिट्टी से बनी साझी में केमिकल वाले रंग नहीं होते हैं। प्रतिमा विसर्जन के समय पानी में यह रंग कोई भी क्षति नहीं होती है। दुकानदार अमन के पास 20, 40, 150, 350 रुपये तक सांझी है। शामली के नौकुआं निवासी दुकानदार पिछले दस सालो से सांझी बेचने का काम करता है। अच्छी खासी सांझी बिक्री होती है। दुकानदार सचिन मेरठ से मिट्टी से बनी सांझी लाकर बिक्री करते हैं। उसके पास 220, 140, 350, 700 रुपये तक सांझी है। दुकानों पर नरियल-चुनरी व मालाओं की बिक्री बढ़ रही है। दुकानदारों का कहना है कि आने वाले दो दिनों में सांझी की बिक्री में उछाल आएगा। नवरात्र महोत्सव की तैयारियां के लिए शहर के बाजारों में पूजा सामग्री में प्रयोग होने वाले नारियल, चुनरी मालाएं फूलों का हार की दुकान भी सज गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें