नारी के बिना खुशहाल घर की कल्पना संभव नहीं: प्राचार्या
शामली। वीवीपीजी कॉलेज में रासेयो शिविर के छठे दिन महिला सशक्तीकरण पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में महिलाओं से आह्वान किया गया कि परिवार की खुशहाली के लिए सास और बहू में सामंजस्य रखना चाहिए। प्रत्येक बहू यदि सास को अपनी मां का दर्जा दे और सास भी बहू को बेटी की तरह मानें, तो समस्याएं नहीं होंगी।
रविवार को इस कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविर का शुभारंभ कॉलेज प्राचार्या डॉक्टर वेदकुमारी ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप जलाकर किया। इसके बाद स्वयंसेवक सेविकाओं ने शहरी बस्तियों में जाकर कैशलेस प्रणाली और पेटीएम के प्रयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं, कॉलेज में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। आठ टीम बनाकर सहभागिता की गई। शिविर के दूसरे सत्र में महिला सशक्तीकरण विषय पर भाषण प्रतियोगिता में काजल, साझी, ऋतिका रानी, नितिका, शिवानी ने विचार प्रकट किए। कॉलेज प्राचार्या डॉक्टर वेद कुमारी ने कहा कि महिला बिना घर की कल्पना नहीं की जा सकती है, यदि किसी घर में महिला का सम्मान नहीं किया जाता है तो वहां शांति समाप्त हो जाती है। डॉक्टर मंजू मगन ने कहा कि महिलाओं को सशक्त किए बिना देश सशक्त नहीं हो सकता है। देश को मजबूत करने के लिए प्रत्येक नागरिक को सकारात्मक सहभागिता निभानी होगी। डॉक्टर प्रताप कुमार ने कहा कि एक महिला को दूसरी महिला को सम्मान देना चाहिए। सास अपनी बहू को बेटी के समान मानें और बहू अपनी सास को मां का दर्जा देकर सम्मान करे, तभी घर का वातावरण खुशहाल होगा।
एनएसएस शिविर का समापन
शामली। आरकेपीजी कॉलेज के राष्ट्रीय सेवायोजना का विशेष शिविर के समापन पर स्वयंसेवकों ने राष्ट्रहित के लिए कार्य करने की शपथ ली। ज्ञान- जागरण के माध्यम से राष्ट्र हित के लिए कार्य करने का आह्वान किया गया।
रविवार को शिविर में कार्यक्रम अधिकारी डाक्टर मनोज बालियान ने शिविर के दौरान किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शिविर का मुख्य संदेश था कि आत्मनिर्भर करके समाज का कल्याण करना है। समापन पर मुख्य रूप से हिमानी गर्ग, सृष्टि गोयल, ज्योति शर्मा, फिरदोस, मोना, शिवानी, प्राची ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस मौके पर देशभक्ति कविता, लक्ष्य गीत प्रस्तुत किए। लघु नाटिका का मंचन किया गया। शिविर में डॉक्टर आरपी सिंह, डॉक्टर एमसी जैन, डॉक्टर प्रमोद कुमार जैन, डॉक्टर प्रवीण अहमद, डॉक्टर अजय श्रीवास्तव ने विचार प्रकट किए।
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