शामली। हाईस्कूल कक्षाओं का आंतरिक मूल्यांकन तेज हो गया है। विषय अध्यापक लिखित कार्य, प्रोजेक्ट वर्क के आधार पर छात्रों का मूल्यांकन कर शिक्षक अंक दे रहे हैं। इसके साथ ही अंकों की ऑनलाइन सूचना बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड की जा रही है।
जनपद में छह फरवरी से प्रारंभ होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर तैयारियां तेज हो गई है। हाईस्कूल और इंटर की प्रयोगात्मक परीक्षाएं लगभग समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद ज्यादातर कॉलेजों में हाईस्कूल कक्षाओं का आंतरिक मूल्यांकन किया जा रहा है। हर विषय अध्यापक छात्रा का 30 अंकों का मूल्यांकन कर रहे हैं। वहीं, कुछ स्कूलों में सोमवार से कक्षा 6 से 9 और 11 वीं की गृह परीक्षाएं भी प्रारंभ होने जा रही है, जिसके लिए कॉलेजों में सीटिंग प्लान चस्पा कर दिया गया है। हाईस्कूल का आंतरिक मूल्यांकन के साथ सभी कॉलेज मूल्यांकन कर अंक परिषद की वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है।
-क्या है आंतरिक मूल्यांकन
हाईस्कूल स्तर पर बोर्ड परीक्षा केवल 70 अंकों की होती है। जबकि 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन होता है। विद्यार्थियों के पूरे वर्ष के कार्य-व्यवहार और प्रोजेक्ट व लिखित कार्य के आधार पर अंक दिए जाते हैं। छात्र-छात्राओं के अंकपत्र पर भी आंतरिक मूल्यांकन का पूरा ब्योरा दर्ज रहता है।
कॉलेज में श्रमदान किया
अमर उजाला ब्यूरो
थानाभवन।
चौधरी अतर सिंह डिग्री कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा एक दिवसीय शिविर का किया गया। शिविर के प्रथम सत्र में सभी छात्र-छात्राओं ने श्रमदान करके महाविद्यालय प्रांगण में खेल का मैदान, पुस्तकालय एवं चकरोड की सफाई करके स्वच्छता का संदेश दिया। शिविर के द्वितीय सत्र में स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत विषय पर प्राचार्य डॉक्टर वीरेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में विचार गोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि डाक्टर महिपाल सिंह तोमर ने रासेयो के महत्व को समझाया। इस दौरान स्वाति, मानसी मित्तल, साक्षी, राखी, डोली, प्रीति और अमरीन आदि ने भाग लिया। कार्यक्रम अध्यक्षता कर रहे डाक्टर वीरेंद्र शर्मा ने सभी स्वयं सेवक व सेविकाओं को स्वच्छता का महत्व एवं अपने राष्ट्र को सुंदर बनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर नीरज सैनी ने सात दिवसीय विशेष शिविर के प्रस्तावित कार्यों एवं विद्यार्थी जीवन में रासेयो के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन अरविंद कुमार ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सचिन जैन आदि का सहयोग रहा।