हंसाओ किसी रोते हुए इंसान को
शामली। पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी व पंडित मदन मोहन मालवीय के जन्मदिन पर काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। शहर के कवियों ने अटल जी के जीवन परिचय पर काव्य पाठ किया।
सोमवार की रात शहर के एसडीआर स्कूल में भाजपा नगर मंडल के तत्वावधान में पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी व पंडित मदन मोहन मालवीय के जन्मदिन पर काव्य गोष्ठी का शुभारंभ भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने भारत माता व मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित करके किया। मालिनी गर्ग ने अटल की कविता का पाठ किया। सुनील अरोरा टम्मी ने अपनी कविता में यूं कहा- मैं नहीं कहता की तुम पूजो किसी भगवान को, चर्च -मंदिर, मस्जिद गुरुद्वारा या किसी श्मशान को। चाहते हो अगर भगवान खुश रहे तो फिर हंसाओ किसी रोते हुए इंसान को।। अनिल धीमान पोपट ने अपनी कविता मे यूं कहा- कब्ज ने मेरा शरीर यूं जकड़ लिया, बिन ठंड के ही मै तो अकड़ लिया। पवन कुमार पवन ने अपनी कविता में कहा अगर इंसाफ चाहते हो, तो सच कहना जरूरी है। सुखों की चाह मन में तो दुख सहना जरूरी है। प्रदीप मायूस ने अपनी कविता में इस तरह कहा- कभी सूकुन देना- कभी बेकरार करना, मेरे दोस्त जिंदगी भर मुझे यू ही प्यार करना। गोष्ठी में डाक्टर विपिन कौशिक व अनुराग शर्मा ने काव्य पाठ किया। इस मौके पर अरविंद संगल, यशपाल पंवार, पंकज गुप्ता, मालिनी गर्ग, सपन मित्तल, उपेंद्र दू्विवेदी, पुनीत द्विवेदी, नवीन गर्ग, पकज कश्यप, देवाशीष वर्मा, सदीप नामदेव, संगीता जिंदल,पल्लवी मित्तल, सपन सुखचैन वालिया, पूरन जाटव मौजूद रहे। संचालन सुनील अरोरा टम्मी ने किया।