कृषि विश्वविद्यालय मोदीपुरम (मेरठ) में प्रोफेसरों के उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या करने वाले पीएचडी के छात्र राहुल चौधरी की मौत के मामले में रालोद कार्यकर्ताओं और व्यापारियों ने ऊन में धरना दिया। बाजार बंद रखकर विरोध जताया और बाजार से तहसील तक नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। आरोपी प्रोफेसरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसडीएम ऊन को ज्ञापन सौंपा।
कस्बा ऊन निवासी राहुल चौधरी कृषि विश्वविद्यालय मोदीपुरम से पीएचडी कर रहा था। गत 14 अगस्त को उसने आत्महत्या कर ली थी और 16 पन्नों का सुसाइड नोट भी छोड़ा था, जिसमें चार प्रोफेसरों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया था। उनमें से एक प्रोफेसर राजवीर सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, लेकिन बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को कस्बा ऊन में व्यापारियों ने बाजार बंद करके धरना प्रदर्शन किया। इसके साथ ही बाजार से तहसील तक नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में पहुंचे। तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की गई। इस दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन ऊन एसडीएम दुष्यंत कुमार मौर्य को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि आरोपियों को गिरफ्तार कर छात्र राहुल के परिजनों को न्याय दिलाया जाए।
चेतावनी दी कि अगर 20 सितंबर तक तीनों प्रोफेसर गिरफ्तार नहीं किए गए, तो आंदोलन होगा। अध्यक्षता बाबा सूरजमल व श्याम सिंह बहावडी तथा संचालन यशपाल सिंह ने किया। इस दौरान रालोद जिलाध्यक्ष ऋषिराज राझड़, योगेंद्र चेयरमैन, पूर्व विधायक बलवीर मलिक, बिजेंद्र, अनिल चौहान, शुभम चौहान, रवि सरोही, अशोक चेयरमैन, नीटू ,राजवीर ,प्रवेंद्र, गुलाब सिंह, देशपाल, मास्टर शोकेंद्र और रविंद्र आदि मौजूद रहे।