कांधला (शामली)। क्षेत्र के गांव भभीसा निवासी सीआरपीएफ के जवान की जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान मौत हो गई। इससे उसके परिजनों में कोहराम मच गया तथा गांव में मातम पसर गया। शाम तक शहीद का पार्थिव शरीर गांव में नहीं पहुंचा था।
कांधला क्षेत्र के गांव भभीसा निवासी लहरी सिंह का 35 वर्षीय पुत्र राजेंद्र 2004 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। उसकी ड्यूटी फिलहाल जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में चल रही थी। परिजनों के अनुसार रविवार को उनके पास सीआरपीएफ कमांडेंट राकेश कुमार ने फोन कर बताया कि बेटे की मौत हो गई। जवान की मौत की खबर पर परिवार में कोहराम मच गया। महिलाओं ने विलाप शुरू कर दिया। यह खबर ग्रामीणों को पता चली तो गांव में मातम पसर गया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जवान के घर पर पहुंचे तथा परिजनों को ढांढस बंधाया। राजेंद्र के साथ तैनात उसके साथी जितेंद्र बालियान ने बताया कि 18 अगस्त को ड्यूटी के दौरान उसकी तबीयत खराब हो ग थी, जिसके बाद उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसका इलाज चल रहा था, लेकिन सोमवार को उसकी मौत हो गई।
परिवार को लगा गहरा सदमा
राजेंद्र अपने पीछे दो वर्ष के लड़के कार्तिक और दस वर्ष की बेटी माही को छोड़ गया। माही का तो रो-रो का बुरा हाल है, लेकिन कार्तिक को नहीं पता कि उसके पापा के साथ क्या हुआ। जैसे राजेंद्र की मौत की सूचना घर वालों को लगी, उसकी बहन रविता बेहोश हो गई तथा उसके दोनों भाई योगेंद्र व बिजेंद्र सदमे में है। पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है।
दीपावली पर आने वाला था घर
राजेंद्र से करीब पंद्रह दिन पूर्व परिजनों की बात हुई थी। परिजनों के अनुसार राजेंद्र को दीपावली पर छुट्टी मिलनी थी, जिसके बाद वह घर पर आता और परिवार के साथ दीपावली मनाता, लेकिन भगवान के किस्मत में कुछ ओर ही लिखा था।